कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री और शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया का अंतिम संस्कार त्यारा गांव में किया गया। उनके अंतिम दर्शन और विदाई के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
बैंड बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा
बैंड-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा में कांगड़ा समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग और पूर्व सैनिक शामिल हुए। बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, जिसके बाद मेजर मनकोटिया पंचतत्व में विलीन हो गए।
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कब हुआ मेजर मनकोटिया का निधन?
87 वर्षीय मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार को निधन हुआ था। उन्होंने त्यारा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद शाहपुर और कांगड़ा क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया था।
विदेश से लौटे बेटे-बेटी
परिजनों के विदेश से लौटने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। अंतिम यात्रा से पहले मेजर मनकोटिया की पार्थिव देह को कुछ समय के लिए घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया- जहां क्षेत्र के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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पूरी हुई अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
इसके बाद घर से अंतिम यात्रा निकली। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समर्थक, परिचित और पूर्व सैनिक शामिल हुए। तियारा बाजार भी शोक में बंद रहा।
पूर्व सैनिकों ने भी दी श्रद्धांजलि
मेजर मनकोटिया का सैन्य जीवन भी उनके सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा रहा। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में सेवा की थी। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। तियारा पंचायत के पूर्व प्रधान संदीप मनकोटिया के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पूर्व सैनिक और कांगड़ा क्षेत्र के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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निधन पर कई नेताओं ने जताया शोक
मेजर मनकोटिया के निधन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया। उनके लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को देखते हुए कांगड़ा सहित प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पांच बार रहे विधायक
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले मनकोटिया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतकर की थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस, जनता दल और बहुजन समाज पार्टी समेत अलग-अलग राजनीतिक मंचों से चुनाव लड़ा। वह शाहपुर से पांच बार विधायक चुने गए।
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दो बार संभाला मंत्री पद
मेजर विजय सिंह मनकोटिया को प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री बनने का अवसर मिला। वह वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री रहे। 1993 में शाहपुर से चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। वर्ष 2003 में भी वह दोबारा विधानसभा पहुंचे और उन्हें पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी मिली।
चर्चित नेता के तौर पर पहचान
हालांकि, उनका राजनीतिक सफर हमेशा सहज नहीं रहा। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ उनके राजनीतिक मतभेद कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। इसी वजह से वह हिमाचल की राजनीति में एक मुखर और चर्चित नेता के तौर पर पहचाने गए।
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वीरभद्र सिंह के खिलाफ CD प्रकरण से आए चर्चा में
वर्ष 2007 में मनकोटिया ने एक ऑडियो सीडी सार्वजनिक की थी, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति में काफी विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया था कि रिकॉर्डिंग में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और एक अधिकारी के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित बातचीत थी। रिकॉर्डिंग को वर्ष 1989 से जुड़ा बताया गया था। इस प्रकरण के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बाद में वीरभद्र सिंह को इस मामले में अदालत से राहत मिली और वह बरी हुए।
वीरभद्र सिंह से राजनीतिक मतभेद रहे
मनकोटिया और वीरभद्र सिंह के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय तक चर्चा में रहे। 1990 के दशक से ही दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिला। मनकोटिया ने समय-समय पर तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखीं। 2017 में भी उन्होंने वीरभद्र सिंह के खिलाफ खुलकर बयान दिए थे।
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कांग्रेस से बनाई दूरी
मनकोटिया ने अलग-अलग दौर में कांग्रेस से दूरी बनाई और दूसरी पार्टियों के साथ भी राजनीतिक सफर आगे बढ़ाया। 2007 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर शाहपुर से चुनाव लड़ा था। बाद में वह फिर कांग्रेस में लौटे और 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। 2017 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।
2022 में भाजपा में हुए शामिल
अक्टूबर 2022 में मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उन्हें भाजपा में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। उस समय उनका भाजपा में शामिल होना हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले कांगड़ा की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया था।
