#अपराध
September 30, 2026
हिमाचल: CISF कैंप में कहासुनी के बाद फाय**रिंग, 15-15 राउंड चलाए; 4 जवानों की थमीं सांसें
साथी जवानों पर दागी 15-15 गोलियां, चारों की मौत
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चंबा। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में मंगलवार शाम CISF कैंप के भीतर हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया। Sewa हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के माशका क्षेत्र में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर अपने ही साथियों पर सर्विस राइफल से गोली चलाने का आरोप है। फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के खैरी स्थित NHPC अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह तथा कांस्टेबल रफीक अहमद और संदीप कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया और आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह को हिरासत में ले लिया गया। उसकी सर्विस राइफल भी कब्जे में ली गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे Sewa हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में हुई। अधिकारियों के मुताबिक फायरिंग से पहले जवानों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद आरोपी हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर सर्विस राइफल से अपने साथियों पर फायरिंग कर दी।
हालांकि, विवाद किस बात को लेकर हुआ और फायरिंग की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है। CISF और स्थानीय पुलिस घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। कुछ रिपोर्टस् का कहना है कि जवान के पास AK-47 बंदूक थी। जिसमें 150 राउंड बारूद था। बताया जा रहा है कि हर जवान के शरीर पर 10 से 15 गोलियां लगी है।
घटना के बाद चारों घायल जवानों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी NHPC अस्पताल ले जाया गया। घटनास्थल कठुआ जिले में होने के बावजूद अस्पताल तक पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते का इस्तेमाल किया गया।
चंबा जिले के खैरी स्थित NHPC अस्पताल में चिकित्सकों ने चारों जवानों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। स्थानीय स्तर पर पुलिस की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इस घटना में CISF के चार कर्मियों की मौत हुई है। इनमें एक असिस्टेंट कमांडेंट और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं।
मृतकों के नाम:
चारों जवान Sewa परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे।

फायरिंग के बाद आरोपी जवान को उसके साथियों ने काबू किया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उसकी सर्विस राइफल भी जब्त कर ली है।
कठुआ पुलिस और CISF की टीमें घटनास्थल पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के पीछे की वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। CISF की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच की जा रही है।
चूंकि गोलीबारी की घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुई है, इसलिए हिमाचल पुलिस की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। हालांकि, घायलों को हिमाचल के अस्पताल में लाए जाने के कारण स्थानीय पुलिस ने अस्पताल की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं, चारों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कठुआ क्षेत्र में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद अलग-अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों में जवानों के बीच पहले हुई कहासुनी को फायरिंग से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक किसी एक वजह की अंतिम पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैंप में फायरिंग से पहले क्या हुआ था, जवानों के बीच विवाद किस मुद्दे पर हुआ और आखिर किन परिस्थितियों में सर्विस हथियार से गोलियां चलीं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।