शिमला। हिमाचल प्रदेश में लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC के चालक और परिचालक कर्मचारियों ने प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच सचिवालय में हुई अहम बैठक के बाद कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जिसके चलते कर्मचारियों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है।

लंबित भुगतान जल्द खातों में डाला जाएगा

यूनियन नेताओं के अनुसार बैठक के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की ओर से कर्मचारियों के बकाया नाइट ओवरटाइम भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जारी करने का भरोसा दिया गया। बताया गया कि करीब एक वर्ष का लंबित ओवरटाइम भुगतान जल्द कर्मचारियों के खातों में डाला जाएगा।

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इसके अलावा वर्दी भत्ते की राशि जारी करने, वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों की अन्य प्रशासनिक मांगों पर भी सकारात्मक रुख अपनाया गया। बैठक में यह भी सहमति बनी कि भविष्य में नाइट ओवरटाइम का भुगतान नियमित रूप से किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील

यूनियन ने कहा कि उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं, लेकिन वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और सरकार के आश्वासनों को देखते हुए फिलहाल संघर्ष का रास्ता छोड़कर बातचीत को प्राथमिकता दी गई है। उधर, परिवहन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहती है।

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उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवा आम लोगों की जीवनरेखा है और इसे किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दिया जा सकता। सरकार कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक संवाद में विश्वास रखती है, लेकिन बस सेवाओं को रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

उपमुख्यमंत्री ने दी चेतावनी

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को समय पर वेतन, पेंशन, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही चेतावनी दी कि आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं।

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इसी बीच नाहन स्थित एचआरटीसी कार्यशाला में आयोजित चालक भर्ती प्रक्रिया भी चर्चा का विषय बनी रही। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान सभी उम्मीदवारों को ड्राइविंग टेस्ट का अवसर नहीं दिया गया। उम्मीदवारों का कहना है कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने के बावजूद उन्हें परीक्षण में शामिल नहीं किया गया, जिससे उनमें नाराजगी है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर देने की मांग उठाई है।

यात्रियों को मिली बड़ी राहत

फिलहाल हड़ताल टलने से प्रदेश के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। आने वाले दिनों में अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार कर्मचारियों से किए गए वादों को कितनी तेजी से लागू करती है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों का समाधान कैसे निकालती है।

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