शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड में कार्यरत दिहाड़ी और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद बिजली बोर्ड प्रबंधन ने मजदूरी दरों में संशोधन को मंजूरी देते हुए नई दरें लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
महंगाई के बीच सुक्खू सरकार का तोहफा
यह संशोधन पहली अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा, जिससे कर्मचारियों को बकाया लाभ भी मिलने की संभावना है। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लिया गया यह फैसला हजारों कर्मचारियों के लिए आर्थिक संबल साबित हो सकता है। लंबे समय से मजदूरी दरों में वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
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हजारों बिजली कर्मचारियों की दिहाड़ी बढ़ी
नई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए बोर्ड मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, लेखा अधिकारियों, ऑडिट शाखाओं, उपमंडल अधिकारियों और विभिन्न कार्यालय प्रमुखों को संशोधित मजदूरी दरों को निर्धारित समय में लागू करने के लिए कहा गया है।
कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि राज्य सरकार के वित्त विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया है ताकि कर्मचारियों को संशोधित लाभ समय पर मिल सके। नई मजदूरी दरों का लाभ बोर्ड में कार्यरत अकुशल श्रेणी के बड़ी संख्या में कर्मचारियों को मिलेगा।
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किस-किस की बढ़ी दिहाड़ी?
इनमें बेलदार, कैजुअल लेबरर, मेट, कुक, माली, चौकीदार, हेल्पर, स्वीपर, खलासी, स्टोर अटेंडेंट, प्रयोगशाला परिचारक, प्रोसेस सर्वर, चेनमैन, बिल वितरक, पाइप लाइनमैन और वाटर गार्ड सहित 43 विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। संशोधित आदेशों के अनुसार इन कर्मचारियों को अब 450.56 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी प्रदान की जाएगी। इससे उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
पार्टटाइम कर्मचारियों के लिए भी बदली व्यवस्था
बोर्ड ने केवल दिहाड़ी कर्मचारियों तक ही राहत सीमित नहीं रखी है, बल्कि अंशकालिक कर्मचारियों के लिए भी भुगतान प्रणाली में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पार्टटाइम कर्मचारियों को उनके कार्य घंटों के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और कर्मचारियों को उनके वास्तविक कार्य के अनुरूप पारिश्रमिक मिल सकेगा।
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जनजातीय क्षेत्रों में अतिरिक्त लाभ जारी रहेगा
राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी राहत बरकरार रखी गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में काम करने वाले दिहाड़ी और अंशकालिक कर्मचारियों को संशोधित मजदूरी दरों के साथ पहले की तरह 25 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी का लाभ मिलता रहेगा। इस व्यवस्था को जारी रखने का उद्देश्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
संस्थानों को भी भेजी गई जानकारी
बिजली बोर्ड ने अपने विभिन्न कार्यालयों के अलावा बिजली क्षेत्र से जुड़े अन्य संस्थानों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया है। HPPSL, HPPTSL, BVPSL तथा अन्य संबद्ध संस्थानों को नई मजदूरी दरों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि पूरे विद्युत क्षेत्र में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को इस फैसले का लाभ मिल सकेगा।
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आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। महंगाई के दौर में अतिरिक्त आय मिलने से परिवारों के खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी और जीवन स्तर में सुधार आने की संभावना बढ़ेगी। कई कर्मचारी संगठनों ने भी इस निर्णय को सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में कर्मचारियों के अन्य लंबित मामलों पर भी इसी तरह संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा।
लंबे समय से उठ रही मांग को मिली मजबूती
दिहाड़ी और अंशकालिक कर्मचारी लंबे समय से मजदूरी दरों में संशोधन की मांग उठा रहे थे। ऐसे में बोर्ड द्वारा लिया गया यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित अंतराल पर मजदूरी दरों की समीक्षा होने से बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है और कार्यबल में संतोष का माहौल बनेगा।
