शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच अब एक बार फिर मौसम विभाग ने हिमाचल में भारी से भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद लोग काफी चिंता में हैं।
भारी से बहुत भारी बारिश
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आज सुबह 10 बजे तक किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, कल के लिए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में देवी-देवताओं को जगा रही जनता, मां हिडिंबा के मंदिर में दिन-रात चल रही पूजा
मकानों पर हुआ भूस्खलन
आज तड़के कुल्लू जिले के अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की ताजा घटना ने फिर से जनजीवन को हिला दिया। पहाड़ी से गिरे भारी मलबे ने दो मकानों को चपेट में ले लिया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित छह लोग घरों के भीतर फंस गए।
बारिश बर रही बाधा
NDRF और स्थानीय पुलिस की टीमों ने राहत अभियान चलाकर अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बाकी फंसे लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है। इस दौरान बारिश और कीचड़ बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में फोरलेन टूटने पर फूटा नितिन गडकरी का गुस्सा, अधिकारियों को बताया 'अंधा'...
मलबे में दबा मिला जवान
इसी अखाड़ा बाजार में कल हुए भूस्खलन में दबे एनडीआरएफ के जवान को भी 24 घंटे बाद आज सुबह मलबे से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जवान का रेस्क्यू होना राहत भरी खबर जरूर है, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मानसून का भारी नुकसान
इस बार का मानसून हिमाचल के लिए बेहद भयावह साबित हो रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 3,525 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति बारिश से तबाह हो चुकी है। पूरे सीजन में अब तक 341 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, 917 मकान पूरी तरह जमींदोज और 3,580 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल ब्रेकिंग : चलती बस पर गिरे पत्थर, 2 महिलाओं ने तोड़ा दम- 15 पहुंचे अस्पताल
राहत और चिंता दोनों साथ
प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान चला रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों के दरकने से राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है। कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जैसे जिलों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
