शिमला। हिमाचल प्रदेश में टीचरों के लिए अप्रैल से लेकर मई तक का समय भारी है, क्योंकि सरकार के आदेश पर कभी भी बोरिया-बिस्तर बांधने की नौबत आ सकती है।  स्कूलों में 1 से 30 अप्रैल और कॉलेजों में 1 से 15 मई तक शिक्षकों के तबादले होंगे। टीचरों के तबादलों पर बैन हटने वाला है। इसी तरह  शिक्षा विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में सेवाकाल पूरा कर चुके इच्छुक शिक्षकों से रिक्तियों वाले पांच स्कूलों के 15 मार्च तक विकल्प देने को कहा है।

हट जाएगी तबादलों पर रोक

शिक्षा निदेशकों को 20 मार्च तक सरकार को स्थानांतरण प्रस्ताव भेजने होंगे। एक बार सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से हरी झंडी मिलने के बाद तबादलों पर रोक हट जाएगी। शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण पर विचार नहीं किया जाएगा।

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समीक्षा बैठक में लिया गया था फैसला

यह फैसला शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से उच्च शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी कर शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लिए फैसले से अवगत कराया गया है। सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के लिए नए दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार की है।

देने होंगे पांच विकल्प

इन क्षेत्रों में जिन शिक्षकों ने अपना सामान्य कार्यकाल पूरा कर लिया है, को स्थानांतरण के लिए अपने आवेदन जमा करने होंगे। रिक्तियों वाले स्टेशनों के पांच विकल्प भी देने होंगे।

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आवेदनों की जांच के बाद दोनों निदेशक अंतिम मंजूरी के लिए 20 मार्च 2025 तक सरकार को स्थानांतरण प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। स्थानांतरण पर प्रतिबंध हटने के बाद आदेश जारी होंगे। इसके अलावा सामान्य क्षेत्रों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिन्होंने किसी स्टेशन पर 3 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनके स्थानांतरण पर भी विचार किया जाएगा।

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