शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) में शामिल होने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार के निर्देशों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने परीक्षा देने जाने वाले छात्रों के लिए अपनी साधारण बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा देने का फैसला किया है।
सरकार का दावा है कि इससे दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। हालांकि इस फैसले को लेकर एक नई बहस भी शुरू हो गई है कि जिस एचआरटीसी को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है, उसी निगम पर मुफ्त सुविधाओं का अतिरिक्त बोझ डालना कितना व्यावहारिक होगा।
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NEET अभ्यर्थियों को मिलेगा फ्री सफर का लाभ
एचआरटीसी मुख्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 20 जून से 22 जून तक निगम की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। विद्यार्थी अपने घर से परीक्षा केंद्र तक और परीक्षा के बाद वापस घर लौटने के लिए बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना नीट एडमिट कार्ड साथ रखना होगा। यही दस्तावेज उनकी पहचान और परीक्षा केंद्र का प्रमाण माना जाएगा।
सिर्फ साधारण बसों में मिलेगी सुविधा
निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त यात्रा केवल एचआरटीसी की साधारण बसों में ही मान्य होगी। वोल्वो, एसी और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह सुविधा लागू नहीं होगी। साथ ही यह सुविधा केवल परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और एक बार वापस लौटने तक सीमित रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी विवरण दर्ज करें और निशुल्क यात्रा करने वाले विद्यार्थियों का पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रारूप में संधारित करें।
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सभी इकाइयों को जारी हुए सख्त निर्देश
एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेशभर के सभी यूनिट अधिकारियों को इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। परिचालकों द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े संबंधित इकाइयों के टिकट डिनोमिनेशन सेल में जमा होंगे, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके। परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा है कि सरकार विद्यार्थियों की सुविधा और शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है तथा परीक्षा देने वाले छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
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एक तरफ घाटा, दूसरी तरफ मुफ्त सुविधाएं
इस फैसले के बाद एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। निगम पहले से ही भारी आर्थिक दबाव और लगातार बढ़ते घाटे से जूझ रहा है। बीते कुछ समय में सरकार और निगम प्रबंधन ने राजस्व बढ़ाने तथा खर्चों पर नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं।
यात्रा नियमों में बदलाव, किराया संरचना में संशोधन, टिकट व्यवस्था को मजबूत बनाने और राजस्व संग्रह बढ़ाने जैसी योजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि इससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का तर्क है कि विद्यार्थियों के हित में उठाया गया यह कदम सामाजिक दायित्व का हिस्सा है और इससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
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दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
हिमाचल के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी नीट परीक्षा देने विभिन्न जिलों में स्थापित केंद्रों तक पहुंचते हैं। कई छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनके परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव पड़ता है। सरकार का मानना है कि निशुल्क बस सुविधा से विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे परीक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए यह निर्णय काफी मददगार साबित हो सकता है।
