शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के नए फरमान पसंद की जगह पर तबादला करवाने वाले कर्मचारियों के लिए गले की फांस बनने वाले हैं। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने तबादला नीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों, खास कर शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षक और गैर शिक्षकों को अपनी पसंद की जगह पर पोस्टिंग करवाना पहले जैसा आसान नहीं रह जाएगा।


सुक्खू सरकार ने ट्रांसफर प्रणाली में पारदर्शिता लाने और मनमानी पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत अब किसी भी कर्मचारी की पिछली तीन पोस्टिंग का रिकॉर्ड देखकर ही नई तैनाती तय की जाएगी। जिसके लिए अधिकारी या कर्मचारी को पहले एक प्रोफार्मा भरकर देना होगा। 

 

यह भी पढ़ें : जयराम बोले- केंद्र ने 4500 करोड़ दिया आपदा फंड, सुक्खू सरकार ने 300 करोड़ किया खर्च

पसंद की जगह पोस्टिंग रिकॉर्ड पर निर्भर

कार्मिक विभाग द्वारा संशोधित तबादला नीति के मुताबिक अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला प्रस्ताव तैयार करते समय विभाग को उसका पूरा ट्रांसफर इतिहास देखना होगा। यानी अगर कोई कर्मचारी हाल के वर्षों में पहले ही अपनी पसंद की जगह पर तैनात रहा है, तो अब उसे दोबारा उस क्षेत्र में पोस्टिंग नहीं मिलेगी। राज्य सरकार ने साफ किया है कि किसी भी ट्रांसफर प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले निर्धारित प्रोफॉर्मा भरना और सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : पुरानी उधारी को लेकर शुरू हुई बहस, एक ने निकाला दरा*ट- दूसरे का किया बुरा हाल

शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

सोमवार को निदेशालय शिक्षा हिमाचल प्रदेश की ओर से इस संबंध में सभी जिलों को आदेश जारी किए गए। आदेशों के साथ एक नया प्रोफॉर्मा भी भेजा गया है, जिसे हर तबादले की प्रक्रिया में भरना अनिवार्य होगा। इसमें कर्मचारी की सेवा अवधि, पिछली तीन पोस्टिंग की तिथियां कार्यकाल की अवधि और तबादले का कारण दर्ज करना होगा। शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष विभाग ने कहा कि कार्मिक विभाग के निर्देशों के तहत यह कदम ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्रोफॉर्मा अनिवार्य दस्तावेज होगा, जो हर कर्मचारी के ट्रांसफर इतिहास की सटीक जानकारी देगा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पंचायत का तकनीकी सहायक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस ने की कार्रवाई

घर के पास तबादला चाहने वालों के लिए मुश्किल दौर

नए नियमों से खासकर उन शिक्षकों और कर्मचारियों को झटका लगा है, जो हर कुछ साल बाद घर या जिला मुख्यालय के पास तबादला करवाने की कोशिश करते हैं। अब विभागीय अधिकारी यह देखेंगे कि कर्मचारी ने पिछली बार कितने समय पहले अपनी मनचाही जगह पर सेवाएं दी थीं। अगर हाल में ऐसी पोस्टिंग मिली थी, तो उसकी अगली तैनाती किसी अन्य क्षेत्र में ही होगी।

 

यह भी पढ़ें : वर्ल्ड कप जीत की खुशी में CM सुक्खू का बड़ा ऐलान- रेणुका को 1 करोड़ से सम्मानित करेगी सरकार

शिक्षा विभाग पर सबसे बड़ा असर

यह बदलाव सबसे अधिक असर शिक्षा विभाग पर डालेगा, जहां हर साल हजारों शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करते हैं। अक्सर म्यूचुअल ट्रांसफर या पसंदीदा स्कूल पोस्टिंग के मामले सामने आते रहे हैं। अब विभाग प्रत्येक शिक्षक का पूरा रिकॉर्ड देखकर ही तबादले को मंजूरी देगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार नई नीति से हर शिक्षक को अपनी सेवाएं अलग.अलग क्षेत्रों में देने का अवसर मिलेगा। साथ ही ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सिफारिशों पर आधारित पोस्टिंग पर रोक लगेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें