शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने शिक्षा विभाग में लंबे समय से पार्ट टाइम जलवाहक और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे पात्र कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने वर्ष 2026 के लिए निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने वाले पात्र पार्ट टाइम जलवाहकों और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकार के इस फैसले से वर्षों से नियमित होने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए स्थायी सेवा का रास्ता साफ हो गया है।
वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत
शिक्षा विभाग में लंबे समय से अस्थायी आधार पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को अब विभाग में उपलब्ध चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित किया जाएगा। इससे पात्र कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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10 सितंबर को जारी हुआ सरकार का आदेश
शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से 10 सितंबर 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। यह आदेश उच्च शिक्षा निदेशक, हिमाचल प्रदेश, शिमला-2 को भेजा गया है। आदेश में वर्ष 2026 के लिए पात्र पार्ट टाइम जलवाहकों और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठता और नियमों के आधार पर होगा नियमितीकरण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार पूरी की जाएगी। इसमें कर्मचारियों की वरिष्ठता, निर्धारित सेवा अवधि, पात्रता और उपलब्ध रिक्त पदों को ध्यान में रखा जाएगा। यानी नियमितीकरण का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो सरकार की ओर से तय सभी पात्रता मानकों को पूरा करते हैं।
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चपरासी-कम-चौकीदार समेत चतुर्थ श्रेणी पदों पर मिलेगा लाभ
नियमितीकरण के लिए शिक्षा विभाग में उपलब्ध रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें चपरासी-कम-चौकीदार जैसे पद भी शामिल हैं। पात्र कर्मचारियों को वरिष्ठता और अन्य निर्धारित शर्तों के अनुसार इन रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित किया जाएगा।
मौजूदा तैनाती स्थल पर ही होंगे नियमित
सरकार के आदेश की सबसे अहम बात यह है कि पात्र कर्मचारियों को यथासंभव उनके वर्तमान तैनाती स्थल पर ही नियमित करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी नियमितीकरण के साथ कर्मचारियों को तुरंत किसी दूसरी जगह भेजे जाने की स्थिति फिलहाल नहीं होगी। लंबे समय से जिस स्कूल या संस्थान में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं उन्हें नियमित करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
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उच्च शिक्षा निदेशालय अब आगे बढ़ाएगा प्रक्रिया
सरकार की मंजूरी के बाद अब नियमितीकरण की वास्तविक प्रक्रिया उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से आगे बढ़ाई जाएगी। संबंधित कर्मचारियों की सेवा अवधि, वरिष्ठता, पात्रता और उपलब्ध रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, जल्द होगा स्पष्ट
सरकार के आदेश में फिलहाल नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या या जिलेवार आंकड़ा स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में कितने पार्ट टाइम जलवाहक और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे, इसकी तस्वीर विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी।
