शिमला। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के विकास की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों के निर्माण और गुणवत्ता में प्रदेश ने पूरे देश के सामने एक नई मिसाल पेश की है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कुशल नेतृत्व और विभाग की कार्यप्रणाली के चलते हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी खुद विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
9 मई को भव्य सम्मान समारोह मिलेगा सम्मान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सफल 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने देशभर में सड़कों की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी का एक विस्तृत सर्वेक्षण किया था। इस सर्वे में हिमाचल प्रदेश ने ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने में बाजी मारी है। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि आगामी 9 मई को मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में हिमाचल प्रदेश को आधिकारिक रूप से इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान न केवल विभाग की पारदर्शिता को दर्शाता है, बल्कि हिमाचल के हर कोने को सड़कों से जोड़ने के संकल्प की सिद्धि भी है।
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46 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
PWD मंत्री ने इस उपलब्धि को और भी खास बताते हुए साझा किया कि बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर हिमाचल प्रदेश को केंद्र से 46 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (Incentive) भी प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने PMGSY-4 के तहत प्रदेश की 250 नई बस्तियों को सड़कों से जोड़ने के लिए 2247 करोड़ रुपये के विशाल बजट को भी मंजूरी दे दी है।
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विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल का कुल सड़क नेटवर्क लगभग 42,779 किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जिसमें से अकेले 22,000 किलोमीटर से अधिक का गौरवशाली हिस्सा PMGSY के योगदान से तैयार हुआ है।
दुर्गम क्षेत्रों तक सड़कों का जाल
विक्रमादित्य सिंह ने अपनी कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के उन दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचना है जो आज भी विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि डोडरा-क्वार, लाहौल-स्पीति, छोटा भंगाल और बड़ा भंगाल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में भी सड़कों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। मंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र के निरंतर समन्वय से ही हिमाचल के विकास की गति को नई ऊंचाई मिल रही है।
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पंचायत चुनाव पर क्या बोले विक्रमादित्य
राष्ट्रीय सम्मान की खुशी साझा करने के साथ-साथ विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश के ज्वलंत राजनीतिक मुद्दों पर भी बेबाक राय रखी। मंडी और अन्य क्षेत्रों में पंचायत चुनाव बहिष्कार की खबरों पर उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने के बाद टैक्स जैसे स्थानीय मुद्दों पर लोगों में नाराजगी होना स्वाभाविक है, जिसे सरकार संवाद के माध्यम से सुलझाएगी। वहीं, बंगाल चुनाव के बाद के हालातों और पंजाब की घटनाओं पर उन्होंने सधे हुए अंदाज में कहा कि देश संविधान के मानकों से चलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी तथ्यों के साथ जनता के मुद्दों को उठाना जारी रखेगी।
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जनता और कर्मचारियों को समर्पित ऐतिहासिक उपलब्धि
विक्रमादित्य सिंह ने इस सफलता का सारा श्रेय लोक निर्माण विभाग के समर्पित अधिकारियों, कर्मचारियों और हिमाचल की समस्त जनता को दिया है। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में भावुक होते हुए लिखा कि यह उपलब्धि 'समग्र हिमाचल, सशक्त हिमाचल' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
