शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीती रात से जारी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ों से गिरते पत्थर और उफनते नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। मंडी जिले के थुनाग उपमंडल और शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में आज सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है।
ये स्कूल भी रहेंगे बंद
यही नहीं, आनी, शिलाई और करसोग उपमंडल में भी सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी का ऐलान हुआ है। SDM थुनाग, आनी, शिलाई, करसोग और ठियोग ने आज सुबह यह निर्णय लेते हुए निर्देश जारी किए कि अगले आदेश तक छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखा जाए। प्रशासन ने यह कदम लगातार हो रही भारी बारिश और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए उठाया है।
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ऑरेंज अलर्ट और बढ़ते खतरे
मौसम विभाग ने सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि चंबा, कुल्लू और शिमला जिलों में यलो अलर्ट लागू है। प्रशासन ने लोगों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखें।
चंबा में हुआ दर्दनाक हादसा
चंबा की चडी पंचायत के सुतांह गांव में पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने से संजू नामक व्यक्ति के घर को भारी नुकसान हुआ और उसकी बेटी व दामाद की मौत हो गई। यह घटना प्रशासन को और सतर्क कर रही है कि स्कूलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता रहे।
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आनी खड्ड और बजवाड़ नाला उफान पर
कुल्लू जिला के आनी में रातभर भारी बारिश के बाद आनी खड्ड उफान पर है। चंबा के चुराह क्षेत्र में बजवाड़ नाले ने सड़क बंद कर दी है। इस वजह से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
मानसून में तबाही का आंकड़ा
20 जून से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 125 लोगों की मौत हो चुकी है। 35 लोग लापता हैं। सरकारी और निजी संपत्ति को 1235 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
