धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड इस बार 10वीं और 12वीं कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम रिकॉर्ड समय में घोषित करने की तैयारी में जुट गया है। बोर्ड ने लक्ष्य तय किया है कि परीक्षाएं समाप्त होने के लगभग एक माह के भीतर ही दोनों कक्षाओं का अंतिम परिणाम जारी कर दिया जाए। इसके लिए पूरी प्रक्रिया की योजना अभी से तैयार कर ली गई है ताकि विद्यार्थियों को लंबे इंतजार से राहत मिल सके।

पहले करना पड़ता था लंबा इंतजार

पिछले वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने में विद्यार्थियों को अक्सर दो महीने या उससे अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। इस लंबे इंतजार के कारण छात्रों की अगली पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रियाएं भी प्रभावित होती थीं। अब बोर्ड ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए निर्णय लिया है कि परिणाम को तय समय से काफी पहले जारी किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में आसानी होगी।

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परीक्षाओं के साथ ही शुरू होगी उत्तरपुस्तिकाओं की प्रक्रिया

तेजी से परिणाम घोषित करने के लिए बोर्ड ने इस बार नई रणनीति अपनाई है। परीक्षाओं के दौरान ही उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्रित करने और उन्हें व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके तहत 17 मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं के पैकेटों को प्राप्त करने और खोलने का कार्य शुरू होगा। इसके बाद दो अप्रैल से प्रदेशभर में बनाए गए 41 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों की जांच का काम शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षा बोर्ड ने इस बार 30 अप्रैल तक दोनों कक्षाओं का फाइनल रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य रखा है। 

 

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मार्च से शुरू हुई हैं बोर्ड परीक्षाएं

प्रदेश में बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं तीन मार्च से आरंभ हो चुकी हैं। दसवीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 28 मार्च को आयोजित होगी, जबकि बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं पहली अप्रैल को समाप्त होंगी। परीक्षाएं खत्म होते ही मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिणाम घोषित किया जा सके।

लाखों विद्यार्थियों ने कराया है पंजीकरण

इस वर्ष प्रदेशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण करवाया है। नियमित विद्यार्थियों में दसवीं कक्षा के 93,564 और बारहवीं कक्षा के 81,411 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा राज्य मुक्त विद्यालय प्रणाली के अंतर्गत दसवीं में 3,984, बारहवीं में 5,442 और आठवीं कक्षा में 217 परीक्षार्थियों ने भी पंजीकरण करवाया है।

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तकनीक के सहारे परीक्षा प्रक्रिया पर नजर

परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए बोर्ड ने तकनीक का भी सहारा लिया है। परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधीक्षक और उप अधीक्षक को बोर्ड द्वारा तैयार किए गए "एग्जाम मित्र" नामक मोबाइल अनुप्रयोग का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा। इस माध्यम से परीक्षा केंद्रों की स्थिति और गतिविधियों की जानकारी सीधे बोर्ड मुख्यालय तक पहुंचती रहेगी।

रियल-टाइम सूचना से होगी सख्त निगरानी

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी तुरंत अनुप्रयोग पर दर्ज की जाए। इससे परीक्षा केंद्रों की वास्तविक स्थिति का पता चलता रहेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

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लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा से जुड़ी रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। केंद्र समन्वयकों को विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि सभी केंद्रों से जानकारी समय पर और सही तरीके से दर्ज की जा रही है।

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