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June 6, 2026
हिमाचल कैबिनेट: अवैध कब्जों को नियमित करने की मंजूरी, डेढ़ हजार से अधिक पदों पर भर्ती
सुक्खू सरकार ने सरकारी जमीन पर रहने वालों को दी बड़ी राहत
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने आम लोगों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निर्णय लेते हुए राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
कैबिनेट बैठक में सबसे चर्चित फैसला सरकारी जमीन पर लंबे समय से रह रहे पात्र परिवारों और छोटे किसानों को राहत देने से जुड़ा रहा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने की मंजूरी भी प्रदान की गई।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने सरकारी भूमि पर रहने वाले पात्र परिवारों और छोटे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक नई नीति को मंजूरी दी है। इस नीति का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है जो वर्षों से सरकारी भूमि पर रहकर खेती, बागवानी या आवासीय गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
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सरकार का मानना है कि ऐसे कई परिवार हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और वे लंबे समय से सरकारी भूमि पर निर्भर हैं। नई नीति के माध्यम से ऐसे मामलों को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाएगा। सरकार ने इस नीति को आगे की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है।
मंत्रिमंडल ने आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिन किसानों के कृषि ऋणों के कारण उनकी जमीन नीलामी के खतरे में है, उन्हें राहत देने के लिए कृषि ऋण ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी।
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इस योजना के तहत पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज का आधा हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलेगी।
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राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर के नए पद सृजित करने और उन्हें भरने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए भी अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के कुछ प्रोफेसरों को विशेष परिस्थितियों में एकमुश्त राहत देने का भी फैसला लिया है, जिससे संस्थान में प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों।
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कैबिनेट ने उन मामलों की दोबारा समीक्षा करने का निर्णय लिया है जिनमें विभिन्न कारणों से अनुकंपा नियुक्ति के दावे पहले खारिज कर दिए गए थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र और न्यायसंगत मामलों की पुनः जांच की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर विशेष छूट भी प्रदान की जा सकती है।
शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक को जनहित और रोजगार उन्मुख फैसलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में राहत, किसानों के लिए ब्याज सब्सिडी, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्तियां और अनुकंपा नियुक्तियों की समीक्षा जैसे फैसलों को राज्य सरकार की प्रमुख घोषणाओं में शामिल किया जा रहा है। इन निर्णयों से जहां हजारों परिवारों, किसानों और युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं सरकारी विभागों में रिक्त पद भरने से सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।