शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानूसन ने इस बार जमकर तबाही मचाई है। भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के कई इलाकों में आज सुबह से मौसम सुहावना बना हुआ है।
अगले चार दिन खिलेगी धूप
इसी बीच लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। दरअसल, प्रदेश में लगातार कहर बरपा रहा मानसून अब आज से कमजोर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले चार दिनों तक पहाड़ों पर धूप खिली रहेगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के राशन डिपो में पहुंचा ‘हिम चक्की आटा’- 500 रुपये में मिलेगा 5 किलो
बारिश से मिलेगी राहत
यह खबर उन ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए खासतौर पर राहत की सांस लेकर आई है, जो लंबे समय से बारिश और आपदाओं से जूझ रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
सामान्य से 43% अधिक बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सामान्य से कहीं अधिक हुई बारिश ने जहां खेतों और बागानों को नमी दी, वहीं दूसरी ओर यह कई लोगों के लिए जीवन का संकट भी बन गई।
यह भी पढ़ें : खड़े ट्रक पर ऊपर से गिरा दूसरा ट्रक, उड़े परखच्चे- ड्राइवर की हालत देख लोगों के उड़े होश
कहां-कितनी हुई बारिश?
जिलेवार स्थिति देखें तो-
- मंडी जिला- 76%
- बिलासपुर- 72%
- सोलन- 71%
- हमीरपुर- 57%
- चंबा- 29%
- कांगड़ा- 17%
- किन्नौर- 31%
- सिरमौर- 41%
- ऊना- 66%
यह भी पढ़ें : राज्यपाल के सामने रो पड़े विधायक हंस राज: बोले- मेरी सारी मेहनत मिट्टी हो गई..
404 लोगों की मौत
प्रदेश आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक इस मानसून सीजन में 404 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 76 लोगों की जान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं में गई है। इस बार 140 बार भूस्खलन, 97 बार बाढ़ और 46 बार बादल फटा है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि पहाड़ों पर बारिश केवल प्राकृतिक वरदान नहीं, बल्कि तबाही का कारण भी बन गई है।
सड़कें और पुल बने बाधा
भारी बारिश और आपदा की वजह से प्रदेश की जीवन रेखा कहे जाने वाले सड़क मार्ग भी पूरी तरह से प्रभावित हैं। तीन नेशनल हाईवे समेत 565 सड़कें बंद हैं। इनमें से 90 प्रतिशत सड़कें पिछले 15 दिनों से अधिक समय से अवरुद्ध हैं।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने बुलाई कैबिनेट मीटिंग, किन बड़े मुद्दों पर हो सकती है चर्चा; जानें एक क्लिक में
कई पुल बह गए
इस वजह से न केवल लोगों की आवाजाही ठप हुई है, बल्कि सेब और अन्य फसलों की ढुलाई पर भी गंभीर असर पड़ा है। इतना ही नहीं, इस मानसून में अब तक 13 मोटरेबल पुल बह गए, जिससे कई इलाकों में संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है।
राहत की उम्मीद
मौसम के साफ होने से अब प्रदेश में बिजली, पानी और सड़क बहाली के काम में तेजी आने की उम्मीद है। ग्रामीणों और किसानों को भरोसा है कि अब वे अपने खेतों, बागानों और टूटी हुई जीवनशैली को धीरे-धीरे पटरी पर ला पाएंगे।
