शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीती रात आसमान ने फिर जमकर बरसात की। कांगड़ा जिले में पूरी रात और सोलन के बद्दी क्षेत्र में करीब 6 घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। वहीं, राजधानी शिमला में आज सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा डाल रखा है और मौसम ठंडा हो गया है।

कब कमजोर पड़ेगा मानसून?

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक, आज से मानसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। मौसम विभाग द्वारा 23 सितंबर तक बारिश का कोई बड़ा अलर्ट भी जारी नहीं किया गया है। केवल कुछेक इलाकों में हल्की बूंदाबांदी संभव है। ज्यादातर हिस्सों में धूप खिलने और मौसम साफ रहने की संभावना है।

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नुकसान का सिलसिला जारी

इस मानसून सीजन में हिमाचल को अब तक भारी नुकसान झेलना पड़ा है। 4595 करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है। 419 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी है। इनमें से 80 मौतें बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं में हुई हैं।

सड़कें और संपर्क मार्ग अभी भी बंद

बरसात का असर अब भी सड़क यातायात पर बना हुआ है। 2 नेशनल हाईवे समेत 517 सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। सेब और अन्य फसलों की ढुलाई बाधित है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही भी मुश्किल बनी हुई है।

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राहत और पुनर्वास की चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि अब जबकि मानसून धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत की है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों से ताजा नुकसान का ब्यौरा तलब किया है।

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