शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब शिक्षकों की भर्ती नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के हवाले कर दी गई है। सरकार ने भर्ती के नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आने वाले समय में NCTE भर्ती नियमों में बदलाव करती है तो वह हिमाचल में अपने आप ही लागू हो जाएगा।
सरकार ने बनाया LDR कोटा
सरकार ने एसएमसी LDR कोटे के लिए बदले गए भर्ती नियमों में ये प्रावधान किया है। जो अभी टीजीटी, जेबीटी और ड्राइंग मास्टर के भर्ती नियमों में ही हुआ है। इनमें ये व्यवस्था रहेगी कि इन टीचर कैडर का पद विज्ञापित होने से पहले तक अगर एनसीटीई द्वारा शैक्षणिक योग्यता में कोई बदलाव होता है तो वो प्रदेश सरकार के भर्ती नियमों का हिस्सा होगा। इसके लिए संबंधित विभाग रिक्विजिशन भेजते समय भर्ती एजेंसी को लिखकर देगा, इसलिए अब भर्ती नियम अलग से बदलने की जरूरत नहीं रहेगी। इसको लेकर शिक्षा सचिव की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
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सुक्खू सरकार के नियमों को ऐसे समझें
मान लें कि कोई अभ्यर्थी टीजीटी हिंदी के पद पर आवेदन करता है। NCTE के नियम कहते हैं कि इसके लिए बीएड जरूरी होगा। अगर ग्रैजुएशन में नंबर कम हों तो पीजी में ज्यादा नंबर लाकर भरपाई की जा सकती है। हिमाचल सरकार के नए नियमों के तहत कुल 2489 पदों में से 37.5 फीसदी सीधी भर्ती के जरिए, 32.5 फीसदी बैचवाइज भरे जाएंगे।
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किसी के लिए कोटा और किसी के लिए सीधी भर्ती
प्रमोशन के मामले में जेबीटी के लिए 25 फीसदी और एसएमसी डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटा के लिए पांच फीसदी का प्रावधान रहेगा। वहीं, ड्राइंग मास्टर के नए भर्ती नियमों के दायरे में कुल 4127 पद लिए गए हैं। जिसके लिए बीएड की शर्त अब अनिवार्य नहीं होगी, लेकिन ड्राइंग मास्टर के लिए भी ग्रेजुएशन के साथ मास्टर डिग्री का विकल्प अलग से मिलेगा। इसके लिए 50 फीसदी कोटा सीधी भर्ती के जरिए होगा। वहीं, 45 फीसदी कोटा बैचवाइज और एलडीआर एसएमसी कोटा 5 फीसदी रहेगा।
