शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बाद अब सूर्य देव दर्शन दे रहे हैं। बता दें कि आने वाले 3 दिनों तक प्रदेशवासियों को प्रचंड गर्मी का एहसास हो सकता है। वहीं इसके बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होगी बारिश
मौसम विभाग के द्वारा आई रिपोर्ट के अनुसार, 11 जून को नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर सिर्फ अधिक ऊंचाई वाले इलाकों तक ही सीमित रहेगा। उससे पहले यानी 10 जून तक राज्यभर में मौसम साफ और गर्म रहने का पूर्वानुमान है।
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मैदानी क्षेत्रों में बढ़ा तापमान
गर्म हवाएं और चटक धूप के बीच विशेषकर मैदानी क्षेत्रों में 4 से 5 डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है। शिमला, धर्मशाला, मंडी और सोलन जैसे इलाकों में सुबह-शाम का मौसम सुहावना जरूर रहेगा, लेकिन दिन के समय गर्मी का असर महसूस होगा।
पिछली बारिशों से मिली राहत
हालांकि बीते डेढ़ हफ्ते में जो अचानक बारिश और ठंडी हवाएं चली थीं, उन्होंने तापमान को नीचे बनाए रखा। लेकिन अब जब आसमान पूरी तरह साफ हो गया है, तो अगले दो दिन में गर्मी का प्रभाव तेज़ होगा।
- बीते 24 घंटे में तापमान में 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है
- फिर भी औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अभी भी 1.4 डिग्री कम बना हुआ है
- पिछली बारिशों का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है
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जून की शुरुआत में रिकॉर्ड बारिश
1 से 6 जून तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 75% अधिक बारिश दर्ज की गई है। आमतौर पर इस अवधि में 10.8 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 18.9 मिमी तक पहुंच गया। यह संकेत करता है कि मई के आखिर और जून की शुरुआत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव जबरदस्त रहा।
जिला-वार बारिश के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- सिरमौर: सामान्य से 239% अधिक बारिश
- बिलासपुर: 228% ज्यादा
- ऊना: 224% अधिक
- शिमला: 194% अधिक
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11 जून से फिर हलचल
11 जून को जो नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है, वो केवल ऊपरी क्षेत्रों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर, रोहतांग, कुल्लू और भरमौर में हल्की बर्फबारी या बारिश के रूप में असर दिखा सकता है। निचले क्षेत्रों में इस बार कोई बड़ा अलर्ट नहीं जारी किया गया है। हालांकि तूफान
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पर्यटन और बागवानी पर सीधा असर
शिमला, मनाली, धर्मशाला जैसे पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट्स की आवाजाही बढ़ी है। सेब और अन्य फलों की खेती पर भी बारिश का मिला-जुला असर देखा गया है। पानी की जरूरत पूरी हुई है, लेकिन अचानक तापमान में उछाल से रोगों की संभावना भी बढ़ी है।
