सिरमौर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता बालासुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिल रही है। मां के दरबार में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे भक्त सोना, चांदी और नकदी अर्पित कर रहे हैं। इसी बीच मंदिर में एक श्रद्धालु की ओर से गुप्त दान के रूप में 20 तोले से अधिक वजन का सोने का छत्र चढ़ाए जाने का मामला सामने आया है।
श्रद्धालु ने चढ़ाया 20 तोले का छत्र
इसके अलावा माता बालासुंदरी को सोने के कड़े भी अर्पित किए गए हैं। इन चढ़ावों के चलते मंदिर में सोने के रूप में चढ़ाई गई भेंट की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
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मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शारदीय नवरात्र के दौरान माता बालासुंदरी मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। भक्त परिवारों के साथ मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन कर रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को भी मंदिर परिसर में भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ रही।
कई राज्यों के श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
इस दिन हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली सहित देश के दूसरे हिस्सों से करीब छह हजार श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना की और माता के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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गुप्त दान में चढ़ाया सोने का छत्र
नवरात्र मेले के दौरान मंदिर में सोने के छत्र का चढ़ावा विशेष चर्चा में है। एक श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक किए बिना 20 तोले से अधिक वजन का सोने का छत्र माता बालासुंदरी को अर्पित किया है। धार्मिक परंपराओं में छत्र को देवी के सम्मान और श्रद्धा के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। इसके अतिरिक्त मंदिर में सोने के कड़े भी चढ़ाए गए हैं।
35 लाख बताई जा रही कीमत
मंदिर में अर्पित किए गए सोने की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, यह राशि अनुमान पर आधारित है। श्रद्धालुओं की ओर से सोना-चांदी और नकदी चढ़ाने का सिलसिला नवरात्र मेले के दौरान जारी है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माता के दरबार में भेंट अर्पित कर रहे हैं।
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छठे दिन माता के दरबार में पहुंचे 6000 श्रद्धालु
शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के छठे दिन करीब छह हजार भक्तों ने माता बालासुंदरी के दर्शन किए। हिमाचल के अलावा पड़ोसी राज्यों और अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां बनी रहीं। नवरात्र के अवसर पर माता के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूसरे राज्यों से पहुंचने वाले लोग भी शामिल हैं।
मंदिर में चढ़ाया खूब चढ़ावा
इस दिन श्रद्धालुओं की ओर से कुल 8,49,129 रुपये की नकदी माता बालासुंदरी के चरणों में अर्पित की गई। यह राशि मंदिर के प्रति भक्तों की आस्था और धार्मिक विश्वास को दर्शाती है। नवरात्र के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे पर मंदिर प्रबंधन की नजर रहती है।
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मेले को व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन की अपील
शारदीय नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से दर्शन करवाना जिला प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए लोगों से जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
सुरक्षा पर विशेष ध्यान
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और भीड़ के दौरान सहयोग करने का आग्रह किया गया है। नवरात्र मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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सुरक्षा के लिए करीब 250 जवान तैनात
माता बालासुंदरी मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त के अनुसार, मंदिर न्यास की ओर से पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसी के करीब 250 जवान तैनात किए गए हैं। इनका उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखना तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखना है।
नवरात्र के दौरान अलग-अलग राज्यों से भक्तों के पहुंचने के कारण मंदिर क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से श्रद्धालुओं की आवाजाही और मेले की व्यवस्था को संभालने में मदद मिलती है।
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80 बीघा भूमि पर पार्किंग की व्यवस्था
मंदिर में दर्शन के लिए निजी वाहनों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर न्यास की ओर से करीब 80 बीघा भूमि पर पार्किंग सुविधा विकसित की गई है, जहां दो हजार से अधिक वाहनों को खड़ा किया जा सकता है। इससे नवरात्र मेले के दौरान वाहनों की बढ़ती संख्या को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है।
किसी भी तरह की ना हो असुविधा
इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और पीने के पानी सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।
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आस्था के साथ व्यवस्थाओं पर भी जोर
त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर में शारदीय नवरात्र का मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। एक ओर श्रद्धालु माता के दरबार में सोना, चांदी और नकदी अर्पित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और मंदिर न्यास भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के प्रबंधन में जुटे हैं।
