#अपराध

October 16, 2026

हिमाचल में खैर तस्कर और अवैध कारोबारी सतपाल गिरफ्तार, 1.70 करोड़ रुपए कैश जब्त

हिमाचल के सिरमौर जिला में छत्तीसगढ़ पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

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himachal sirmaur Police

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने खैर की लकड़ी की कथित अवैध तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे कारोबार करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कालाअंब से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह (67) को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि जांच के दौरान पुलिस ने कथित अवैध कारोबार से जुड़े ठिकानों से 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। मामले की जांच अब हिमाचल प्रदेश से लेकर हरियाणा और अन्य राज्यों तक फैले कारोबारी नेटवर्क और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है।

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में दर्ज मामले की कड़ियां तलाशते हुए पुलिस हिमाचल प्रदेश के सिरमौर तक पहुंची। जांच एजेंसियों को आशंका है कि खैर लकड़ी के कारोबार में कथित तौर पर फर्जी बिलिंग और दस्तावेजों के जरिए लेन-देन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन कारोबारियों की भूमिका थी और कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम कहां-कहां निवेश की गई।

 

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हिमाचल के कालाअंब तक पहुंची जांच की आंच

महासमुंद पुलिस की विशेष टीम ने मामले की पड़ताल के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब में दबिश दी। यहां से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की फर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर खैर लकड़ी की वास्तविक आपूर्ति किए बिना बिल तैयार करने और कारोबारी लेन-देन को सही दिखाने के लिए किया गया।

 

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पुलिस की जांच में आरोप है कि अलग-अलग फर्मों के नाम पर ऐसे बिल तैयार किए गए, जिनके पीछे वास्तविक खैर लकड़ी की आपूर्ति नहीं थी। इन दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए वन विभाग के कथित फर्जी ट्रांजिट पास तैयार करने और एचएसएन कोड के दुरुपयोग की बात भी सामने आई है।

1.70 करोड़ रुपये की नकदी ने बढ़ाया मामले का दायरा

जांच के दौरान पुलिस ने कथित अवैध कारोबार से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1.70 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। इससे पहले 7 सितंबर 2026 को मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई थी। पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार से अर्जित रकम किन खातों के माध्यम से आगे भेजी गई और इसमें किन लोगों या कारोबारी प्रतिष्ठानों की भूमिका रही।

इस मामले में केवल लकड़ी की जब्ती ही नहीं, बल्कि नकदी, बैंक खातों और कथित अवैध संपत्तियों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की को लेकर वैधानिक कार्रवाई भी कर रही है।

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हरियाणा के गोदाम से भी मिली 15 टन खैर लकड़ी

जांच का दायरा हिमाचल प्रदेश के अलावा हरियाणा समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले की पटौदी तहसील के बहोड़ा कलां गांव स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग फर्म के गोदाम में तलाशी ली थी। यह फर्म आरोपी मनीष अग्रवाल से संबंधित बताई गई है। तलाशी के दौरान गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा और मध्यप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है।

 

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23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन से शुरू हुई थी जांच

इस मामले की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की शिकायत से हुई थी। शिकायत में 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। शिकायत के आधार पर 9 जुलाई 2026 को पिथौरा थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने दस्तावेजों, कारोबारी फर्मों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस को कथित फर्जी बिलिंग और विभिन्न राज्यों में फैले कारोबारी संपर्कों की जानकारी मिली।

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पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं दो आरोपी

इस प्रकरण में पुलिस पहले ही पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। पारितोष मिश्रा पीयूष इंटरप्राइजेस और अखिलेश सिंघल सिंघल इंटरप्राइजेस से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के कई लेन-देन सामने आए हैं। अब इन लेन-देन का कथित खैर लकड़ी कारोबार से संबंध खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि किन फर्मों ने लेन-देन किया, दस्तावेजों की भूमिका क्या थी और नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

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ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाई गई पुलिस

हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार सतपाल सिंह को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महासमुंद लाया गया है। पुलिस अब उसे न्यायिक रिमांड के लिए संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया में है। आगे की जांच में पुलिस का ध्यान कथित फर्जी बिलिंग, वन विभाग के दस्तावेजों, बैंक खातों, बरामद नकदी और अवैध संपत्तियों पर रहेगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि विभिन्न राज्यों में संचालित फर्मों के बीच किस तरह के कारोबारी संबंध थे और कथित अवैध गतिविधियों से किसे आर्थिक लाभ मिला।

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