कुल्लू। हिमचाल प्रदेश के जिला कुल्लू के मनाली विधानसभा क्षेत्र के बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील की खीर खाने के बाद 38 बच्चों के बीमार पड़ने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद से अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई साफ न होने के कारण अब तक 10 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। पहले तीन बच्चों के स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट लिए गए थे, जबकि अब सात और बच्चों के प्रमाणपत्र भी लिए जा चुके हैं। कुछ और अभिभावक भी बच्चों का स्कूल से नाम कटवाने की तैयारी में हैं।

52 बच्चों में से 38 की बिगड़ी थी तबीयत

बाड़ी प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक करीब 52 बच्चे पढ़ते हैं। 18 अगस्त को स्कूल में मिड-डे मील में बच्चों को खीर दी गई थी। खीर खाने के कुछ समय बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। कई बच्चों को उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद से ही अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं।

 

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35 अभिभावक पहुंचे SDM के पास

इस मामले को लेकर करीब 35 अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को एसडीएम मनाली से मिला। अभिभावकों ने मांग की कि मामले की जांच रिपोर्ट उन्हें दिखाई जाए। उनका कहना है कि जब तक यह साफ नहीं होगा कि बच्चों की तबीयत आखिर किस वजह से खराब हुई, तब तक उनका डर दूर नहीं होगा।

अभिभावक बोले- वजह सामने आना जरूरी

अभिभावक देवेंद्र कुमार ने कहा कि कई अभिभावक बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से फिर से डर का माहौल बन गया है। उनका कहना है कि अगर घटना की असली वजह सामने नहीं आई तो भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने का डर बना रहेगा। इसी वजह से कई अभिभावक अभी भी बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं।

 

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घर से खाना लेकर स्कूल जा रहे बच्चे

अभिभावक शीला ने बताया कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेज रही हैं, लेकिन उनके लिए खाना घर से ही भेज रही हैं। अभिभावकों ने तय किया है कि जब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक स्कूल में मिड-डे मील नहीं बनाया जाएगा।

खाने के सैंपल की रिपोर्ट बताने की मांग

अभिभावक हीरा लाल ने कहा कि स्कूल से खाने और पानी के सैंपल लिए गए थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट में क्या सामने आया, इसकी जानकारी अभी तक अभिभावकों को नहीं दी गई है। उनका कहना है कि अगर जांच पूरी हो चुकी है तो प्रशासन को जल्द रिपोर्ट सामने रखनी चाहिए, ताकि अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके और उनका डर दूर हो।

 

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एसडीएम ने उपायुक्त को सौंप दी जांच रिपोर्ट

एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करके उपायुक्त को सौंप दी गई है। अब आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग की ओर से की जानी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट जल्द ही अभिभावकों के सामने रखी जाएगी।

शिक्षा विभाग भी जांच पूरी होने की बात कह रहा

शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक जिला कुल्लू ज्ञान चंद ने बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर निदेशालय की ओर से आगे की कार्रवाई के आदेश दिए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि बच्चों के स्कूल छोड़ने की जानकारी उनके ध्यान में नहीं है।

 

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चीनी का सैंपल हुआ फेल

इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खीर बनाने में इस्तेमाल हुई चीनी, पानी और दूसरी खाद्य सामग्री के सैंपल लिए थे। 2 सितंबर को आई रिपोर्ट में पानी और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल सही पाए गए, लेकिन चीनी का सैंपल गुणवत्ता की जांच में फेल हो गया। हालांकि, मिड-डे मील कर्मचारी ने जांच के दौरान बताया था कि जिस चीनी का सैंपल लिया गया था, वह उस दिन खीर बनाने में इस्तेमाल ही नहीं हुई थी। ऐसे में बच्चों के बीमार होने की असली वजह जानने के लिए आगे भी जांच की जा रही थी।

18 अगस्त को बिगड़ी थी बच्चों की तबीयत

दरअसल, 18 अगस्त को बाड़ी प्राइमरी स्कूल में दोपहर के मिड-डे मील में बच्चों को खीर परोसी गई थी। खीर खाने के कुछ देर बाद कई बच्चों को उल्टियां होने लगीं और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद कुल 38 बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इलाज के बाद सभी बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट गए थे।

 

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अब भी सबसे बड़ा सवाल- बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी?

घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभिभावकों का सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है कि आखिर बच्चों की तबीयत खराब होने की असली वजह क्या थी। साथ ही यह भी साफ नहीं हुआ है कि इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय हुई और क्या कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे अभिभावकों में अब नाराजगी और डर दोनों बढ़ रहे हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है और अब तक 10 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं।