शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चर्चित चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में पैन ड्राइव गायब करने और उसका डाटा डिलीट करने के आरोपी ASI पंकज शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए गंभीर रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने सीबीआई और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
'निजी जिंदगी पर हो रही निगरानी'
पंकज शर्मा की याचिका में दावा किया गया है कि उसे जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है, वह सीधे तौर पर उसके निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि उसे 24 घंटे निगरानी में रखा जा रहा है। उसे एक ही कमरे तक सीमित कर दिया गया है और उस कमरे में भी CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में हर ओर विनाश : एक और जगह फटा बादल, 80 लोग फंसे- चीखों से दहला इलाका
मानवाधिकारों का हो रहा हनन
याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर उसके जीवन पर कठोर नियंत्रण किया जा रहा है, जो असंवैधानिक है। याचिका में यह मांग की गई है कि इस तरह की निगरानी हटाई जाए और उसे एक सामान्य व्यक्ति की तरह स्वतंत्रता और गोपनीयता का अधिकार मिले।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में बारिश से तबाही: रामपुर में बादल फटा, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा- सहमे लोग
20 अगस्त को होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। अब अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी, जिस दिन तय होगा कि निगरानी हटेगी या नहीं।
