शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने जहां कम संख्या वाले कई स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया है। वहीं एक ही जगह कई सालों से जमे शिक्षकां को भी यहां वहां भेजना शुरू कर दिया है। बता दें कि अकसर कई शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने से परहेज करते हैं और अपनी ऊंची पहुंच के चलते लंबे समय से शहरों के स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन अब ऐसे शिक्षकों को सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भेजने का निर्णय ले लिया है।
625 शिक्षकों के तबादले की तैयारी
दरअसल सुक्खू सरकार ने शिक्षा विभाग में शिक्षकों का युक्तिकरण करना शुरू कर दिया है। इसके तहत सबसे पहले लंबे समय से शहरी स्कूलों में डटे 625 सरप्लस शिक्षकों को दूरदराज के स्कूलों में भेजा जा रहा है। जिसमें 125 जेबीटी, 450 टीजीटी और 50 सीएंडवी शामिल हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इन शिक्षकों का युक्तिकरण शुरू कर दिया है।
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युक्तिकरण के तहत होंगे तबादले
बताया जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू होगा। उससे पहले सरकार युक्तिकरण की प्रक्रिया को पूरा करेगी, ताकि किसी भी ग्रामीण या दूरदराज क्षेत्र के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी ना रह जाए। शिक्षा निदेशालय ने इसकी एक फाइल तैयार कर उसे मंजूरी के लिए शिक्षा मंत्री के पास सचिवालय में भेज दिया है।
सूची तैयार कर शिक्षा मंत्री के पास भेजी
शिक्षा निदेशालय ने इस फाइन में युक्तिकरण के तहत राजधानी शिमला सहित जिला मुख्यालय के शहरी सरकारी स्कूलों में लंबे समय से डटे सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार की है। शिक्षा मंत्री से मंजूरी मिलते ही एक माह में शहरों के स्कूलों में तैनात इन शिक्षकों को दूरदराज स्थित स्कूलों में भेजा जाएगा।
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स्कूलों में ज्यादा शिक्षकों की भी होगी छंटनी
इसके अलावा ऐसे स्कूलों को भी चिन्हित किया गया है, जहां पर बच्चों की संख्या तो कम है, लेकिन शिक्षकों की संख्या अधिक है। उन स्कूलों से भी शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। वहीं छात्रों की कम संख्या वाले बंद किए गए स्कूलों के शिक्षकों के तबादलों की भी तैयारी चल रही है।
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अप्रैल से किसी स्कूल में नहीं रहेगी शिक्षकों की कमी
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि पहली अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। उससे पहले युक्तिकरण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। नए सत्र से प्रदेश के किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रहेगी। इसके लिए अप्रैल में एक हजार नए शिक्षकों की भर्ती कर उन्हें नियुक्ति प्रदान कर दी जाएगी।
