शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। प्रदेश के 75 प्रमुख स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से अब सड़कों पर हर समय नजर रखी जा रही है।
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ये स्मार्ट कैमरे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को पहचान रहे हैं और उनकी जानकारी सीधे सिस्टम तक पहुंचा रहे हैं। इससे पुलिस को कार्रवाई करने में आसानी हो रही है।
24 घंटे सड़कों पर नजर रख रहे स्मार्ट कैमरे
आईटीएमएस के तहत लगाए गए कैमरे दिन-रात सड़कों की निगरानी कर रहे हैं। पहले जहां नियम तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती करनी पड़ती थी, वहीं अब कैमरों की मदद से यह काम तेजी से हो रहा है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में अगले 5 दिन बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट- कई क्षेत्रों में तूफान बढ़ाएगा मुसीबत
पूजी जानकारी सिस्टम में होगी दर्ज
कैमरे वाहन की स्पीड, ड्राइविंग का तरीका और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड कर रहे हैं। अगर कोई वाहन चालक गलती करता है तो उसकी पूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज हो जाती है।
ओवरस्पीड और बिना हेलमेट वालों पर होगी कार्रवाई
AI कैमरे कई तरह के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ रहे हैं। इनमें तेज रफ्तार से वाहन चलाना, बिना हेलमेट दोपहिया चलाना, ट्रिपल राइडिंग, रेड लाइट तोड़ना और गलत तरीके से वाहन चलाना शामिल है।
यह भी पढ़े : हिमाचल : दिनदहाड़े स्कूल संचालिका को गो.लियों से भूना- प्रॉपर्टी को लेकर भाई से चल रहा था विवाद
इन मामलों में कैमरे तुरंत वाहन की पहचान कर लेते हैं और चालान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इससे सड़क पर लापरवाही करने वाले चालकों पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
ड्राइविंग देखकर पता लगाने की कोशिश करेगा AI
अब AI तकनीक के जरिए कैमरे चालक की ड्राइविंग स्टाइल को भी समझने की कोशिश करेंगे। अगर कोई चालक गाड़ी को असामान्य तरीके से चला रहा है, बार-बार गलत दिशा में जा रहा है या उसकी ड्राइविंग नशे की स्थिति जैसी लगती है तो सिस्टम उसे पहचानने में मदद करेगा। इससे शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों पर नजर रखना आसान होगा और सड़क हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़े : हिमाचल में दुल्हन बनकर ठगी! 3 महीने में रचाई 3 शादियां, मंदिर जाने के बहाने फरार हुई शीतल
पुलिस की कार्रवाई में आएगी तेजी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि AI आधारित ट्रैफिक सिस्टम से काम में पारदर्शिता बढ़ी है। कैमरों की वजह से नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई ज्यादा सही तरीके से हो रही है। इसके अलावा चालान प्रक्रिया में भी तेजी आई है। कैमरे हर घटना का रिकॉर्ड रखते हैं, जिससे किसी भी विवाद की स्थिति में पूरी जानकारी उपलब्ध रहती है।
सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक वाहनों की भी मदद
हिमाचल पुलिस ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस वाहनों को भी अपने बेड़े में शामिल किया है। इन वाहनों की मदद से दुर्घटना वाले स्थानों पर जल्दी पहुंचा जा सकेगा। इसके साथ ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को भी मजबूत किया गया है, जिससे हादसे के बाद घायलों को समय पर इलाज और सहायता मिल सके।
यह भी पढ़ें-हिमाचल के पहाड़ों से पिघली बर्फ : खोले जाएंगे डैम के गेट, नदी-नालों से रहें दूर; 3 जिलों में अलर्ट
मंडी जिला हादसों में सबसे आगे
प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन सड़क हादसे अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च तक हिमाचल प्रदेश में 539 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 85 हादसे सामने आए। यह आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ तकनीक से ही समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि वाहन चालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें। हेलमेट पहनें, तेज रफ्तार से बचें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं। AI कैमरे और नई तकनीक सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद करेंगे, लेकिन सुरक्षित सफर के लिए हर चालक की जिम्मेदारी सबसे जरूरी है।
