#विविध
July 28, 2026
हिमाचल में मानसून का कहर : 9 जगह फटे बादल, अब तक एक हजार करोड़ का नुकसान
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रहें सावधान
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में 30 जून को मानसून की दस्तक के बाद से लगातार हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अब तक बादल फटने की नौ घटनाओं, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रदेश को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इस नुकसान में सड़कें, मकान, बिजली और पेयजल योजनाओं समेत अन्य सार्वजनिक और निजी संपत्तियां शामिल हैं। वहीं लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में तबाही मचा रखी है।
सोमवार को लगातार बारिश के चलते राजधानी शिमला में चौड़ा मैदान, लक्कड़ बाजार, माल रोड, कैथू और संजौली समेत पांच स्थानों पर 12 पेड़ गिर गए। चौड़ा मैदान में पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कैथू में भी एक वाहन को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात भी प्रभावित रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बिलासपुर और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मंडी, शिमला और सोलन में येलो अलर्ट लागू है। 29 जुलाई को कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के कारण प्रदेशभर में 108 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें मंडी में 39, कुल्लू में 33, शिमला में 11, सिरमौर में 9 और कांगड़ा में 5 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 9 बिजली ट्रांसफार्मर और 38 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, जिन्हें बहाल करने का काम जारी है।
प्रदेश में अब तक 226.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से करीब 3 प्रतिशत अधिक है। बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 106 मिमी बारिश सोलन के कंडाघाट में दर्ज हुई। वहीं बिलासपुर के काहू में 40 मिमी, कुल्लू के कोठी में 39 मिमी और शिमला में 18 मिमी वर्षा हुई। लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।