#विविध
July 27, 2026
हिमाचल में बारिश का कहर : दर्जनों पेड़ गिरे, चपेट में आए कई वाहन- लैंडस्लाइड से सड़कें बंद
पेड़ काटते समय विभाग का वाहन पलटा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में बारिश ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार शाम से देर रात तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ और 12 पेड़ धराशायी हो गए। पेड़ों की चपेट में आने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि सड़कों पर मलबा आने से कई जगह यातायात भी बाधित रहा।
भारी बारिश के कारण चौड़ा मैदान और शहर के अन्य इलाकों में कई बड़े पेड़ गिर गए। इस दौरान दो वाहन भी पेड़ों की चपेट में आ गए और उन्हें नुकसान पहुंचा।
हालांकि, गनीमत रही कि चालक और आसपास मौजूद लोग सुरक्षित रहे। वहीं, कैथू ओवरब्रिज के पास एक खतरनाक पेड़ को काटते समय विभाग का वाहन अचानक असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई।
शहर में गिरे ज्यादातर पेड़ बारिश के कारण कमजोर हुई जमीन के साथ जड़ों समेत उखड़ गए। लगातार बारिश होने से पहाड़ियों की मिट्टी ढीली पड़ रही है, जिससे भूस्खलन और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
गिरे हुए पेड़ों और सड़कों पर आए मलबे को हटाने के लिए नगर निगम, वन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचें।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। साथ ही बड़े और पुराने पेड़ों के नीचे वाहन खड़े न करें। लगातार हो रही बारिश के कारण राजधानी शिमला में मानसून के दौरान भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में कई जगह भूस्खलन हुआ है और पेड़ भी गिरे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीमें मलबे और गिरे हुए पेड़ों को हटाने में जुटी हुई हैं। सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का काम किया जा रहा है।