#विविध
July 29, 2026
बाबा बालक नाथ का चमत्कार : जन्म से गूंगा बच्चा लगा बोलने, 5 साल से इंतजार कर रहा था परिवार
जन्म से बोल नहीं पाता था रियांश
शेयर करें:

हमीरपुर। देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में समय-समय पर आस्था और विश्वास से जुड़े ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जिन्हें श्रद्धालु चमत्कार के रूप में देखते हैं। पहाड़ों की गोद में बसे इन तीर्थस्थलों पर लोग अपनी उम्मीद और मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। करीब पांच माह पहले भी बाबा बालक नाथ के दरबार में एक परिवार अपने बेटे की आवाज लौटने पर माथा टेकने पहुंचा था। अब इसी मंदिर से ऐसा ही एक और भावुक मामला सामने आया है। 5 वर्षीय बच्चे के बोलने की खुशी में उसके परिवार ने बाबा बालक नाथ के दरबार में पहुंचकर शीश नवाया और अपनी मन्नत पूरी करते हुए बाबा के चरणों में चांदी की जीभ अर्पित की।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के पंचकूला सेक्टर-24 निवासी अनिल कुमार सूद का 5 साल का बेटा रियांश जन्म के बाद से बोल नहीं पाता था। माता-पिता ने बेटे के इलाज के लिए कई जगह कोशिश की, लेकिन उसे बोलने में कामयाबी नहीं मिली। बेटे की आवाज सुनने की चाहत में परिवार काफी समय से परेशान था।
करीब चार महीने पहले चैत्र मेलों के दौरान अनिल कुमार सूद अपने परिवार और बेटे रियांश के साथ शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचे थे। वहां परिवार ने बाबा के दरबार में माथा टेककर मन्नत मांगी थी। परिवार ने कहा था कि अगर उनका बेटा बोलने लगेगा तो वे बाबा बालक नाथ के चरणों में चांदी की जीभ अर्पित करेंगे।
बताया जा रहा है कि उस समय मंदिर के मुख्य पुजारी सरवन शर्मा ने भी रियांश के लिए बाबा बालक नाथ के सामने विशेष अरदास की थी। परिवार ने बच्चे के स्वस्थ होने और उसके जल्द बोलने की प्रार्थना की थी। इसके बाद परिवार अपने घर लौट गया और बेटे के ठीक होने का इंतजार करने लगा।
परिवार के अनुसार, करीब 10 दिन पहले रियांश ने अचानक बोलना शुरू कर दिया। बेटे के मुंह से आवाज सुनकर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस बच्चे को बोलते सुनने के लिए परिवार लंबे समय से इंतजार कर रहा था, उसकी आवाज सुनना उनके लिए बेहद भावुक पल था।
रियांश के बोलने के बाद परिवार ने अपनी मन्नत पूरी करने का फैसला किया। शनिवार को अनिल कुमार सूद अपने परिवार के साथ दोबारा शाहतलाई पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा बालक नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और बाबा के चरणों में चांदी की जीभ चढ़ाकर अपनी मन्नत पूरी की।
मंदिर में जब रियांश ने अपनी मासूम और तोतली आवाज में ‘जय बाबे दी’ के नारे लगाए तो वहां मौजूद श्रद्धालु भी भावुक हो गए। बच्चे को इस तरह बोलते देखकर परिवार की खुशी साफ नजर आई। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी बाबा बालक नाथ के जयकारे लगाए।
रियांश के परिवार ने बच्चे के बोलने को बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद और कृपा माना। मन्नत पूरी होने के बाद परिवार ने बाबा के दरबार में पूजा की और चांदी की जीभ अर्पित की। इस घटना के बाद मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।