चंबा। हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार खतरनाक होता जा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच मैदानी क्षेत्रों से आए कुछ युवा बिना अनुमति चंबा जिले के पवित्र स्थल मणिमहेश की ओर बहाना बनाकर निकल रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बाबा से मिलकर निकले मणिमहेश की तरफ

प्राप्त जानकारी के अनुसार,  जिला चंबा में बीते मंगलवार को पांच युवक गुई नाला पहुंचे। वहां कुटिया में रह रहे बाबा से मिलने के बहाने वे कुछ देर रुके। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये सभी युवक पंजाबी भाषा में बात कर रहे थे। कुछ समय बाबा के पास बैठने के बाद वे मणिमहेश की तरफ आगे बढ़ गए। 

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युवकों के पास नहीं था कोई सामान

सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि उनके पास ट्रैकिंग से जुड़ा कोई जरूरी सामान नहीं था। न गर्म कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था थी, न सुरक्षा उपकरण और न ही किसी तरह का बैग या जरूरी सामग्री दिखाई दी। यानी वे पूरी तरह बिना तैयारी के ही खतरनाक पहाड़ी रास्ते पर निकल गए।

बाबा और स्थानीय लोगों की नहीं सुनी कोई बात  

हड़सर के स्थानीय लोगों ने जब उन्हें आगे बढ़ते देखा तो रोकने की कोशिश की। लोगों ने खराब मौसम और आगे के खतरनाक हालात के बारे में समझाया भी, लेकिन युवक नहीं माने। कुटिया में रह रहे बाबा ने भी उन्हें रोकने का प्रयास किया, फिर भी वे आगे निकल गए।

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बैसाखी से पहले मणिमहेश उचित नहीं 

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बैसाखी से पहले मणिमहेश जाना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उचित नहीं माना जाता। स्थानीय लोग इन परंपराओं का पालन करते हैं, लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले कई लोग इन बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। समझाने के बावजूद जब वे आगे बढ़ जाते हैं तो कई बार किसी परेशानी में फंस जाते हैं। इसके बाद उन्हें बचाने की जिम्मेदारी प्रशासन और स्थानीय लोगों पर आ जाती है।

पहले हो चुका है ऐसा हादसा 

इस तरह की लापरवाही पहले भी गंभीर हादसों का कारण बन चुकी है। जनवरी महीने में भरमाणी माता जंगल क्षेत्र में दो युवक बर्फ में फंस गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को बाहर निकालने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों को काफी कठिन रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था।

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क्या बोले ADM भरमौर

ADM भरमौर विकास शर्मा ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान लोगों को जानबूझकर खतरा नहीं उठाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पट्टी और हड़सर क्षेत्रों में पुलिस की मदद से चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इन चेक पोस्ट के जरिए ऐसे लोगों को आगे जाने से रोका जाएगा, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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