सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक बेहद अच्छी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। नाहन के मोहल्ला गोविंदगढ़ में एक परिवार ने बेटी के जन्म को ऐसे यादगार अंदाज में मनाया कि हर कोई भावुक भी हुआ और खुश भी।
बेटी की जन्म पर अनोखा जश्न
अजीत सिंह और सीमा कौर के घर वर्षों बाद नन्हीं बच्ची की किलकारी गूंजी तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी लाडली को अस्पताल से घर लाने के लिए पिता खास तौर पर गुब्बारों और रंग-बिरंगी सजावट से सजी कार लेकर पहुंचे।
यह भी पढ़ें- हिमाचल के युवक की हरियाणा में मौ*त : बोलेरों में था दो दोस्तों के साथ, रास्ते में हुआ...
बेटी हुई है- पोस्टर से सजी कार
कार पर बड़े-बड़े अक्षरों में “बेटी हुई है” लिखा पोस्टर लगाया गया था, जिसे देखकर राह चलते लोग भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। जैसे ही नवजात बच्ची घर पहुंची, ढोल-नगाड़ों और खुशियों के बीच उसका जोरदार स्वागत किया गया।
मोहल्ले भर में बांटी मिठाई
परिवार के सदस्यों ने मिठाइयां बांटीं और मोहल्ले में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। हर कोई इस अनोखी पहल की सराहना करता नजर आया। यह खुशी सिर्फ एक घर तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को बेटियों के सम्मान का एक खूबसूरत संदेश भी दे गई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: पोते ने नशे की खातिर चोरी छिपे बेच दी दादा की स्कूटी, डेढ़ साल बाद ऐसे खुला राज
बेटा-बेटी में नहीं फर्क
जिस तरह बेटे के जन्म पर उत्सव मनाया जाता है- उसी गर्व और सम्मान के साथ बेटी का स्वागत करना बदलती सोच की मिसाल माना जा रहा है। नाहन की गलियों में “बेटी हुई है” लिखी यह कार पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। यह पहल उन लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो आज भी बेटा-बेटी में फर्क करते हैं।
मिसाल बन रहा क्षेत्र
गौरतलब है कि नाहन क्षेत्र में बेटियों का लिंगानुपात प्रदेश में बेहतर माना जाता है। यहां बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच लगातार मजबूत हो रही है। यही कारण है कि यह क्षेत्र आज बेटियों को सम्मान देने और उन्हें परिवार की शान मानने की सुंदर मिसाल बनता जा रहा है।
