शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला स्थित चौपाल के रहने वाले ऋतिक चौहान को उनकी बहादुरू और साहस के लिए दिल्ली में बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है। बता दें कि ऋतिक को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उत्कृष्ट जीवन रक्षक पदक से सम्मानित किया जाएगा।

उत्कृष्ट जीवन रक्षक पदक से होंगे सम्मानित

ऋतिक गगना गांव के निवासी  है और अपनी बहादुरी और साहस के लिए चर्चा में हैं। बता दें कि यह सम्मान एक ऐसे युवा को मिल रहा है जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली हो। ऐसे में ऋतिक को भी ये सम्मान मिलने जा रहा है। 

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साहसिक प्रयास ने दो मासूमों की जान बचाई

यह पुरस्कार ऋतिक चौहान को उनके उस साहसिक प्रयास के लिए दिया जा रहा है, जब उन्होंने सोलन के वार्ड नंबर 13 के समीप रेलवे ट्रैक पर दो छोटी बच्चियों को एक ट्रेन से बचाया था। यह घटना उस समय हुई जब ऋतिक ने बिना किसी डर के दोनों बच्चियों को ट्रैक से खींचकर बचाया, लेकिन इस प्रयास के दौरान वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गए। 

ऋतिक को काटना पड़ा था पैर 

ऋतिक की बहादुरी के बावजूद, वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेन के टकराने से उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। चोटें इतनी गम्भीर थीं कि उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान एक पैर को काटने का निर्णय लिया गया। इस दर्दनाक घटना के बावजूद ऋतिक ने साहस नहीं खोया और अपने मिशन को पूरा किया। 

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निजी कंपनी में काम करते थे ऋतिक

ऋतिक उस समय सोलन के देहूंघाट क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चियों को बचाने का अद्वितीय साहस दिखाया। उनकी बहादुरी ने उन्हें एक सच्चे नायक के रूप में प्रस्तुत किया और उनके द्वारा किए गए इस साहसिक कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। बता दें कि यह सम्मान न केवल ऋतिक चौहान के साहस को मान्यता देता है, बल्कि यह समाज के हर व्यक्ति को प्रेरित करता है कि हम सब एक दूसरे की मदद के लिए कभी भी खुद को जोखिम में डाल सकते हैं। 

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