मंडी। रविवार सुबह हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। अचानक धरती हिलने का अहसास होते ही कई लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

8 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 9:13 बजे मंडी जिले में भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र मंडी जिले में ही जमीन से करीब 8 किलोमीटर नीचे बताया गया है।

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झटके महसूस होते ही बाहर निकले लोग

भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर पहुंच गए। रविवार होने के कारण कई लोग घरों में आराम कर रहे थे, लेकिन झटकों के बाद कुछ देर तक लोग खुले स्थानों पर ही रुके रहे। स्थिति सामान्य होने पर लोग वापस अपने घरों को लौट गए।

भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है हिमाचल

हिमाचल प्रदेश देश के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। राज्य के कई जिले भूकंप के उच्च जोखिम वाले जोन-4 और जोन-5 में आते हैं। कांगड़ा, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे जिले सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते हैं, जबकि मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और सोलन जोन-4 में शामिल हैं।

 

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कब खतरनाक होता है भूकंप?

विशेषज्ञों के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 5.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप सामान्यतः बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते। हालांकि, 5.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप में जान-माल का नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। भूकंप का केंद्र यदि जमीन के अधिक करीब हो तो कम तीव्रता के बावजूद उसका प्रभाव अधिक महसूस किया जा सकता है।

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