चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की तीसा विकासखंड की सनवाल पंचायत इस बार सिर्फ एक पंचायत चुनाव का मैदान नहीं थी, बल्कि यह पूर्व जिला परिषद सदस्य और पूर्व प्रधान कर्मचंद ठाकुर की राजनीतिक प्रतिष्ठा की सबसे बड़ी परीक्षा बन गई थी। चुनाव प्रचार से लेकर मतदान, विवाद, वायरल वीडियो, पुनर्मतदान और प्रशासनिक कार्रवाई तक इस पंचायत ने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींचे रखा।
बबली देवी ने 330 वोटों से जीता चुनाव
आखिरकार तमाम विवादों और चुनौतियों के बीच कर्मचंद ठाकुर की बेटी बबली देवी ने प्रधान पद का चुनाव 330 वोटों के बड़े अंतर से जीतकर अपने पिता की साख को मजबूत कर दिया।
रैली ने बदल दिया था चुनावी माहौल
चुनाव से पहले कर्मचंद ठाकुर ने अपनी बेटी बबली देवी के समर्थन में विशाल चुनावी रैली निकाली थी। क्षेत्र में चर्चा थी कि यह रैली किसी पंचायत प्रधान उम्मीदवार की नहीं बल्कि किसी विधायक या मंत्री की चुनावी सभा जैसी दिखाई दे रही थी। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने साफ संकेत दे दिए थे कि मुकाबला साधारण नहीं रहने वाला।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसी रैली ने चुनाव को पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल दिया था। जीत या हार का सीधा असर कर्मचंद ठाकुर के राजनीतिक प्रभाव पर पड़ना तय माना जा रहा था।
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मतदान के दिन हुआ बवाल, वीडियो भी हुआ वायरल
बता दें कि मतदान के दौरान सनवाल पंचायत लगातार सुर्खियों में रही। पोलिंग बूथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें पूर्व प्रधान एवं जिला परिषद सदस्य कर्मचंद ठाकुर मतदान केंद्र के भीतर दिखाई दिए।
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इसी दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति भी बनी, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई कि गुवाड़ी वार्ड में मतदान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगे और प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
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निर्वाचन आयोग ने रद्द कर दिया था मतदान
मामला यहीं नहीं रुका। राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्ड नंबर-2 गुवाड़ी में मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव रद्द कर दिया। जांच में सामने आया कि कुछ मतदाताओं को नियमों के विपरीत कंपेनियन की मदद से मतदान करने की अनुमति दी गई थी।
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आयोग ने मतदान को अमान्य घोषित करते हुए पुनर्मतदान के आदेश दिए। पुरानी पोलिंग पार्टी हटाई गई, नए बैलेट पेपर जारी किए गए और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी के बीच दोबारा मतदान कराया गया। जिसके बाद 30 जून को दोबारा मतदान करवाया गया।
आखिरकार बबली देवी ने दर्ज की बड़ी जीत
लगातार विवादों, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पुनर्मतदान की प्रक्रिया के बाद जब मतगणना हुई तो परिणाम कर्मचंद ठाकुर के पक्ष में गया। उनकी बेटी और प्रधान पद की उम्मीदवार बबली देवी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कुमारी नीना को 330 मतों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
यह जीत सिर्फ एक पंचायत प्रधान की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे कर्मचंद ठाकुर की राजनीतिक पकड़, संगठन क्षमता और क्षेत्र में प्रभाव का प्रमाण भी माना जा रहा है।
परिणाम ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश
सनवाल पंचायत के चुनाव परिणाम ने यह साफ कर दिया कि तमाम विवादों और चुनौतियों के बावजूद कर्मचंद ठाकुर का जनाधार अभी भी मजबूत है। चुनाव के दौरान उठे सवाल, वायरल वीडियो और पुनर्मतदान जैसी घटनाओं के बावजूद मतदाताओं ने अंततः बबली देवी के पक्ष में फैसला सुनाया।
