मंडी। जहां एक ओर हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर गांव-गांव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। वहीं दूसरी ओर जिला मंडी की एक पंचायत ने लोकतंत्र की ऐसी तस्वीर पेश की है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
एक और पंचायत ने पेश की मिसाल
चुनावी प्रतिस्पर्धा, गुटबाजी और प्रचार के शोर के बीच चेली पंचायत ने आपसी भाईचारे और सहमति का ऐसा उदाहरण दिया है कि यहां प्रधान से लेकर वार्ड सदस्य तक सभी प्रतिनिधि निर्विरोध चुन लिए गए।
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शांत रहा चुनावी माहौल
जिला मंडी के द्रंग विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चेली (चैहड़गलू) में इस बार चुनावी माहौल लगभग शांत रहा। पंचायत के लोगों ने आपसी सहमति से सभी पदों पर उम्मीदवार तय किए और किसी भी पद पर मुकाबले की नौबत नहीं आने दी।
पंचायत सदस्यों के नाम
- सुनीता देवी- प्रधान
- प्रेम सिंह- उपप्रधान
- वार्ड शिंगार-1- पूर्ण चंद
- शिंगार-2- सरोजा देवी
- चेली-1- देवेंद्र कुमार
- चेली-2- शकुंतला देवी
- बबली वार्ड- रेशमा देवी
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पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
पंचायत के निर्विरोध बनने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाइयां देकर इस फैसले का स्वागत किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावी खींचतान से दूर रहकर पंचायत का गठन होने से अब प्रतिनिधि बिना किसी दबाव के विकास कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे। लोगों का मानना है कि आपसी विवादों और चुनावी तनाव से बचकर गांव ने एकजुटता का परिचय दिया है।
पहले भी की थी कोशिश
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत को निर्विरोध बनाने का प्रयास पहले भी किया गया था। मगर अंतिम समय में एक व्यक्ति द्वारा नामांकन दाखिल करने से योजना सफल नहीं हो पाई थी। हालांकि, इस बार पंचायत के लोगों ने पहले से बेहतर तालमेल और समझदारी दिखाई।
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बिना मुकाबले निर्विरोध चुने सदस्य
गांव के बुजुर्गों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया कि अंत तक सभी पदों पर सहमति बनी रही और पंचायत निर्विरोध गठित हो गई।पंचायत के इस कदम की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
हर जगह हो रही सराहना
सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि वर्तमान समय में जहां चुनावों के दौरान अक्सर तनाव और प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है, वहीं चेली पंचायत ने भाईचारे और सहमति से लोकतंत्र की सकारात्मक तस्वीर पेश की है। इसे अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।
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25 लाख मिलेगी प्रोत्साहन राशि
पंचायतीराज विभाग की ओर से भी निर्विरोध पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार इनामी राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। विभाग की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई ग्राम पंचायत निर्विरोध चुनी जाती है तो उसे 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
जिला परिषद को एक करोड़
पंचायत समिति के लिए यह राशि 50 लाख रुपये और जिला परिषद के लिए एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। ऐसे में चेली पंचायत को भी अब 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
