शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। हिमाचल की सुक्खू सरकार वन विभाग के लिए 500 सहायक वन रक्षक (असिस्टैंट फॉरेस्ट गार्ड) के पद सृजित कर इन पर भर्ती करने की तैयारी में है।

हिमाचल के युवाओं के लिए खुशखबरी

इसके लिए विभाग अलग से एक नया कैडर तैयार कर रहा है, जबकि भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों का मसौदा भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रस्तावित व्यवस्था को मंजूरी के लिए 20 जुलाई को होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा।

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500 सहायक वन रक्षकों की भर्ती

अगर मंत्रिमंडल से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो नए नियम अधिसूचित किए जाएंगे। उसके बाद भर्ती प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ होगी और वन विभाग की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

आठ वर्ष की नियमित सेवा के बाद अवसर

नए कैडर के तहत नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों के लिए पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान भी तय किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, सहायक वन रक्षक के रूप में नियुक्त कर्मचारी अपनी आठ वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के पद पर पदोन्नति के पात्र होंगे। इससे युवाओं को विभाग में दीर्घकालिक करियर और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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राज्य चयन आयोग के माध्यम से होगी भर्ती

इन पदों पर भर्ती की पूरी प्रक्रिया राज्य चयन आयोग के माध्यम से कराई जाएगी। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए वही प्रणाली अपनाई जाएगी जो वर्तमान में वन रक्षक भर्ती में लागू होती है।

कैसे होगा युवाओं का सिलेक्शन?

उम्मीदवारों को पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा देनी होगी, क्योंकि वन विभाग में कार्य करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक माना जाता है। इसके बाद अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी होगी। दोनों चरणों में सफल रहने वाले उम्मीदवारों को ही अंतिम चयन सूची में स्थान मिलेगा।

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बड़ी संख्या में खाली हैं पद

वन विभाग लंबे समय से कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है। वर्तमान में विभाग में वन रक्षकों के लगभग 800 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इसका असर जंगलों की नियमित निगरानी और विभिन्न संरक्षण गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।

जंगलों पर पैनी निगरानी

वन क्षेत्रों में अवैध कटान रोकने, वन अपराधों पर नियंत्रण रखने, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जंगलों में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में फील्ड स्टाफ की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने सहायक वन रक्षक का नया कैडर तैयार करने का निर्णय लिया है।

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नियमों को दिया जा रहा अंतिम रूप

वन विभाग नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। इन नियमों में भर्ती से जुड़े सभी प्रमुख प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। इनमें अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, सेवा शर्तें और पदोन्नति संबंधी नियम निर्धारित किए जाएंगे।

 

जैसे ही मंत्रिमंडल से इन नियमों को मंजूरी मिलेगी, उन्हें अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद विभाग भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करेगा।

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वन सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

सरकार का उद्देश्य-

  • केवल रिक्त पदों को भरना नहीं, बल्कि वन विभाग की जमीनी स्तर पर कार्य करने की क्षमता को बढ़ाना भी है।
  • नए सहायक वन रक्षक तैनात होने से जंगलों की निगरानी को मजबूती मिलेगी
  • अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने में सहायता मिलेगी
  • वन संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा
  • विभाग में कर्मचारियों की कमी से जुड़ी समस्या को भी काफी हद तक दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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