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July 2, 2026

सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: अनुकंपा नौकरी के खारिज केस होंगे रिव्यू; इस दिन तक करें आवेदन

आर्थिक आधार पर खारिज केसों की दोबारा होगा जांच, सीधी भर्ती में 5 प्रतिशत कोटे की छूट

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Himachal Pradesh Government

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सरकारी सेवा के दौरान अपने परिजनों को खो चुके आश्रितों के हक में एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। आर्थिक आधार पर अनुकंपा नौकरी (करुणामूलक आधार) से वंचित रह गए हजारों उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ी और लाइफ-चेंजिंग खबर है। मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर वित्त विभाग ने कड़ा फैसला लेते हुए पूर्व में खारिज हो चुके ऐसे मामलों को दोबारा खोलने और उनकी गहनता से जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

इसके साथ ही इन नियुक्तियों के लिए सीधी भर्ती में निर्धारित 5 प्रतिशत कोटे की सीमा में भी विशेष छूट देने का फैसला किया गया है। सरकार के इस कदम को उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो वर्षों पहले आर्थिक मानदंडों के कारण अनुकंपा नौकरी से वंचित रह गए थे और लगातार पुनर्विचार की मांग कर रहे थे।

आर्थिक आधार पर खारिज मामलों को मिलेगा नया अवसर

प्रदेश सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, ऐसे सभी मामले जिनमें सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रितों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन केवल आर्थिक स्थिति पर्याप्त रूप से कमजोर न पाए जाने के आधार पर आवेदन खारिज कर दिए गए थे, अब दोबारा समीक्षा के लिए पात्र होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक विशेष और एकमुश्त अवसर होगा, जिसके तहत प्रभावित परिवार अपनी वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर फिर से आवेदन कर सकेंगे। इससे उन परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है जिनकी आर्थिक स्थिति समय के साथ कमजोर हो चुकी है।

 

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वर्तमान आर्थिक स्थिति के आधार पर होगा मूल्यांकन

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि आवेदकों की पात्रता का आकलन पुराने समय की आर्थिक स्थिति के बजाय वर्तमान हालात के आधार पर किया जाएगा। यानी यदि किसी परिवार का आवेदन वर्षों पहले इस कारण अस्वीकार हुआ था कि वह आर्थिक रूप से सक्षम माना गया था, लेकिन अब उसकी स्थिति खराब हो चुकी है, तो उसे पुनः अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि कई परिवार ऐसे हैं जिनकी परिस्थितियां समय के साथ बदल गईं और उन्हें वास्तविक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनर्विचार का रास्ता खोला गया है।

31 दिसंबर तक आवेदन करने का अंतिम मौका

सरकार ने पात्र आश्रितों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की है। इच्छुक उम्मीदवारों को संबंधित विभागाध्यक्ष के पास निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करना होगा। निर्देशों के अनुसार विभागों को आवेदन प्राप्त होने के बाद एक माह के भीतर उसकी जांच और निपटान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

 

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किन मामलों को नहीं मिलेगा लाभ?

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह राहत केवल उन मामलों के लिए है जो पहले केवल आर्थिक आधार पर अस्वीकृत हुए थे। यदि किसी आवेदन को पात्रता, दस्तावेजों की कमी, कानूनी बाधाओं या अन्य प्रशासनिक कारणों से खारिज किया गया था, तो वह इस विशेष व्यवस्था के दायरे में शामिल नहीं होगा।

सीधी भर्ती के 5 प्रतिशत कोटे में विशेष छूट

सुक्खू सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अनुकंपा नियुक्तियों के मामलों में सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 5 प्रतिशत कोटे की अधिकतम सीमा में भी छूट प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि कई पात्र मामले केवल कोटे की सीमा के कारण लंबित रह जाते थे। ऐसे में यह निर्णय योग्य आश्रितों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा।

 

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इन पदों पर होगी नियुक्ति

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार क्लास-III श्रेणी के पदों, विशेष रूप से जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) जैसे पदों पर नियुक्तियां निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की जाएंगी। वहीं क्लास-IV और मल्टी टास्क वर्कर (एमटीडब्ल्यू) के पद वर्तमान सरकारी नीति के तहत भरे जाएंगे। हालांकि अंतिम नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले मुख्यमंत्री की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

 

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वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी

प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति नीति का उद्देश्य सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करना है। बीते कई वर्षों से ऐसे परिवार सरकार से मांग कर रहे थे, जिनके आवेदन केवल आय संबंधी मानदंडों के कारण खारिज हो गए थे। अब सरकार के इस फैसले से उन परिवारों में नई उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से रोजगार के अवसर का इंतजार कर रहे थे। माना जा रहा है कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों को लाभ मिलेगा और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा।

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