शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए गोलीकांड ने तूल पकड़ लिया है। गोली लगने से 26 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर बवाल काटा।

गोलीकांड ने पकड़ा तूल

गुस्से परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने रोहड़ू अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए आरोपी को उनके हवाले करने की मांग उठाई।

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डेडबॉडी रखने के लिए नहीं दी एंबुलेंस

प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने आरोप लगाया कि मृतका रितिका के शव को ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। ग्रामीणों का कहना था कि शव को पिकअप वाहन में ले जाया गया, जिसमें पहले रेत ढोई गई थी।

लोगों का फूटा गुस्सा

इस बात को लेकर लोगों में भारी रोष देखा गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई, जिसमें SDM रोहड़ू के खिलाफ भी आवाज उठी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में प्रशासन ने एंबुलेंस की व्यवस्था की, लेकिन तब तक लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका था।

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पुलिस ने हिरासत में लिए दो आरोपी

उधर, SP गौरव सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम द्वारा दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 103(1) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है। घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

आरोपियों की पहचान

  • रजत सहोता रोहड़ू, अप्पर बाजार
  • अमित (रोहित भपटा), मंधरली

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देव अनुष्ठान में चली गोली

गौरतलब है कि रोहड़ू क्षेत्र के कुलगांव में देवता शालू महाराज के नए मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन चल रहा था। इसी दौरान हर्ष फायरिंग के बीच 26 वर्षीय रितिका को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रितिका जिहागा क्षेत्र के गांव आंध्रा की रहने वाली थी।

 

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गहरे सदमे में पूरा इलाका

बताया जा रहा है कि इस मंदिर का निर्माण काष्ठकुणी शैली में किया गया है, जिसमें करीब 14 साल का समय और लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि, इस भव्य आयोजन के बीच हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

दो मासूमों ने खोई मां

रितिका के दो छोटे बच्चे हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया है। पुलिस मौके ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, देव आस्था से जुड़े इस आयोजन में हुए हादसे पर अधिकारी फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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