कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में करीब 13 करोड़ रुपये की जमीन खरीद का मामला अब और बड़ा रूप ले सकता है। धर्मशाला के रक्कड़ निवासी नेक राम और उनके परिवार के नाम खरीदी गई जमीन को लेकर राज्य विजिलेंस की जांच में आय और संपत्ति के बीच अंतर सामने आया है। अब विजिलेंस जमीन खरीद में लगाए गए पैसों के स्रोत की भी जांच कर रहा है और इससे जुड़े दस्तावेज आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को भेजने की तैयारी में है।
नेक राम, पत्नी और मां के नाम पर खरीदी जमीन
विजिलेंस ने साल 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्र में खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड खंगाला है। जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। अब जांच एजेंसी यह देख रही है कि जमीन खरीदने में इस्तेमाल हुआ पैसा कहां से आया और क्या वह परिवार की घोषित आय से मेल खाता है।
यह भी पढ़ें- क्या हिमाचल में जासूसी कर रहा था हमजा? पाकिस्तान से कनेक्शन...दर्जी की दुकान से उठाया
आय कम, जमीन की खरीद करोड़ों में
जांच में सामने आए रिकॉर्ड के अनुसार 2011-12 में नेक राम ने अपनी सालाना आय 2.08 लाख रुपये बताई थी। अगले साल यह आय 2.69 लाख रुपये और 2013-14 में 3.93 लाख रुपये दर्ज की गई।
अंतर विजिलेंस की जांच का हिस्सा
इसी दौरान साल 2011 में करीब 48.50 लाख रुपये और 2013 में करीब 23.95 लाख रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड सामने आया। यही अंतर अब विजिलेंस की जांच का अहम हिस्सा है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में अब बिजली कटने से पहले आएगा SMS- ग्राहकों को फोन पर मिलेगी पूरी जानकारी
आय और जमीन खरीद का मिलान
विजिलेंस ने बाद के वर्षों की आय और जमीन खरीद का भी मिलान किया है। वर्ष 2025-26 में नेक राम की आय 12.04 लाख रुपये बताई गई, जबकि इसी अवधि में नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम करीब 48.44 लाख रुपये की जमीन खरीदे जाने का रिकॉर्ड जांच में मिला।
बैंक खातों की भी जांच
जमीन खरीद के साथ विजिलेंस ने परिवार के बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में लगी है कि जमीन खरीद के समय खातों में कितना पैसा था और भुगतान किस तरह किया गया।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : घर से बिना बताए दिल्ली भागे भाई-बहन, 7 दिन बाद मिले- स्कूली छात्र हैं दोनों
खाते में सिर्फ 17 रुपये
जांच में एक खाते में जनवरी 2013 में करीब एक लाख रुपये होने और अप्रैल 2022 तक यह रकम घटकर 17 रुपये रह जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं दूसरे खाते में अगस्त 2013 में करीब पांच हजार रुपये थे, जबकि फरवरी 2025 में इस खाते में 2.62 लाख रुपये दर्ज मिले।
विजिलेंस कर रही जांच
विजिलेंस अब इन लेनदेन की पूरी कड़ी को देख रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि जमीन खरीद के लिए परिवार के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति ने तो पैसा उपलब्ध नहीं कराया था।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में कल से फिर बारिश : लगातार 5 दिन बरसेंगे बादल, जानें कब विदा होगा मानसून
सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का भी आरोप
मामला सिर्फ जमीन खरीद में पैसों के स्रोत तक सीमित नहीं है। विजिलेंस की FIR में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी के आरोप भी हैं। आरोप है कि सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में गलत म्यूटेशन दर्ज किया गया और एक महिला का नाम जमीन पर कब्जे के तौर पर दर्ज किया गया।
आठ लोगों को आरोपी बनाया
इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी, नेक राम, उनकी पत्नी किरण बाला, मंगला देवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान अगर किसी और व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : झाड़ियों में मिला नवजात, उपचार के दौरान तोड़ा दम- कलयुगी मां की तलाश जारी
अब केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचेगा मामला
विजिलेंस अब जमीन खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और आयकर दस्तावेजों को एक साथ रखकर जांच कर रहा है। जमीन के लिए इस्तेमाल रकम का असली स्रोत क्या था, इसकी जानकारी सामने आने के बाद रिकॉर्ड आयकर विभाग और ED को भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
