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November 5, 2026

हिमाचल: निकिता के अंतिम संस्कार में भी हंगामा, घाट पर पत्थरबाजी के साथ चले डंडे; कई घायल

श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार के बीच महिलाओं ने बोल दिया धाबा

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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र में 26 वर्षीय निकिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब इस कदर बढ़ गया कि अंतिम संस्कार के दौरान ही श्मशानघाट रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। एक तरफ निकिता की चिता जल रही थी, तो दूसरी तरफ मायके पक्ष की महिलाओं और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच जमकर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला पत्थरबाजी और लाठी-डंडों तक पहुंच गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुए टकराव में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों को भी पत्थरबाजी के बीच खुद को बचाना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।

चिता जलते ही श्मशानघाट में शुरू हुआ हंगामा

जानकारी के अनुसार गुरुवार को निकिता का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। परिवार और रिश्तेदार श्मशानघाट में मौजूद थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में मायके पक्ष की महिलाएं और अन्य लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने ससुराल पक्ष के सामने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। एक ओर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी, वहीं दूसरी ओर श्मशानघाट में हंगामे ने गंभीर रूप ले लिया।

 

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पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से बढ़ा तनाव

विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल हुआ और कुछ लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन पत्थरबाजी के बीच पुलिस कर्मियों को भी खुद का बचाव करना पड़ा। श्मशानघाट में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस घटना ने निकिता की मौत के मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

दहेज और गहनों की वापसी की मांग

मायके पक्ष के लोगों का कहना है कि निकिता की शादी के दौरान उन्होंने बेटी को जो दहेज और सोने-चांदी के गहने दिए थे, उन्हें वापस किया जाए। इसी मांग को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। वहीं, ससुराल पक्ष की ओर से निकिता के बीमार रहने की बात कही जा रही है। महिला की मौत को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। मायके पक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है।

 

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पहले घर पर हुआ था हंगामा

निकिता की मौत के बाद विवाद की शुरुआत बुधवार को ही हो गई थी। 4 नवंबर को मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि उस दौरान करीब तीन से चार घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत करवाने का प्रयास किया था। लेकिन अगले दिन अंतिम संस्कार के दौरान एक बार फिर विवाद भड़क उठा और इस बार मामला पत्थरबाजी तथा लाठी-डंडों तक पहुंच गया।

2 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुई थी निकिता

बताया जा रहा है कि ज्वालामुखी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खोला पंचायत के मौजूदा प्रधान कपिल देव की 26 वर्षीय पत्नी निकिता की तबीयत बिगड़ने के बाद 2 नवंबर को उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। निकिता की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ससुराल पक्ष पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। मायके वालों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए मामले की गहराई से जांच करवाने की मांग उठाई। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का कहना है कि निकिता पिछले कुछ समय से बीमारी से पीड़ित थी और इसी कारण उसकी तबीयत बिगड़ी थी।

 

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दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा मां का साया

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि निकिता अपने पीछे दो बेहद छोटी बच्चियों को छोड़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उसकी एक बेटी की उम्र करीब एक साल और दूसरी की महज छह महीने है। मां की मौत के बाद दोनों मासूम बच्चियों के सिर से ममता का साया उठ गया है। जिस उम्र में बच्चों को मां की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस उम्र में दोनों को इस दुखद परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

 

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पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस ने निकिता के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस जिला देहरा के एएसपी नवदीप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल निकिता की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान हुए हंगामे और पत्थरबाजी के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

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