ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में महज 50 रुपये के विवाद ने हैरान करने वाली हिंसा का रूप ले लिया, जहां एक युवक को बेरहमी से पीटा गया और उसके नाखून तक उखाड़ने की कोशिश की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है, लेकिन पांच दिन बीतने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले ने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डिजिटल पेमेंट करते मोबाइल फोन हुआ बंद
जानकारी के अनुसार, ऊना जिले के टाहलीवाल इलाके में एक मामूली भुगतान विवाद ने भयावह हिंसा का रूप ले लिया। पेट्रोल पंप पर 50 रुपये के तेल को लेकर शुरू हुई कहासुनी में एक युवक के साथ बर्बर मारपीट की गई, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
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दरअसल, स्थानीय निवासी पीड़ित मोहम्मद यूसुफ 24 अप्रैल की रात अपने दोपहिया वाहन में पेट्रोल भरवाने बाथू-बाथड़ी स्थित पंप पर पहुंचा। तेल डलवाने के बाद जब वह डिजिटल पेमेंट करने लगा तो उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। उसने कर्मचारियों से फोन चार्ज करने की अनुमति मांगी, लेकिन इसी बात पर विवाद बढ़ गया।
मदद के लिए चिल्लाता रहा यूसुफ
मोहम्मद यूसुफ का आरोप है कि गुस्साए कर्मचारियों ने उसे जबरन ऑफिस के भीतर ले जाकर बेरहमी से पीटा। मारपीट इतनी क्रूर थी कि लोहे के औजार प्लास का इस्तेमाल किया गया और उसके नाखून तक उखाड़ने की कोशिश की गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग युवक को डंडों और प्लास से पीटते नजर आ रहे हैं, जबकि वह मदद के लिए चिल्लाता रहता है। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर पहुंचा और उसने भी मारपीट में हिस्सा लिया।
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आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन
हालांकि घटना में शामिल कुल आरोपियों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पीड़ित ने अगले दिन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उधर, SP ऊना सचिन हिरेमठ का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और यह भी जांच की जा रही है कि हमलावर पेट्रोल पंप कर्मचारी थे या अन्य लोग।
