मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। पुलिस गश्त और नाकाबंदी के जरिए तस्करों पर नजर रख रही है और उन्हें पकड़ भी रही है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला जिला मंडी से सामने आया है, जहां पुलिस ने भारी मात्रा में नशे के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। 

तलाशी के लिए रोकी बस 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला मंडी के  तरोट फोरलेन का है। यहां पर बीते रविवार को धनोटू थाना की पुलिस टीम तरोट फोरलेन पर नाका लगाए हुए थी और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान मनाली से शिमला जा रही परिवहन निगम की एक बस को जांच के लिए रोका गया। 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में बारिश बनी काल- खड्ड में समाई बोलेरो, एक ही गांव के दो युवकों की मौ*त

यात्री के कब्जे से चरस की खेप बरामद 

बस में सवार यात्रियों की तलाशी के दौरान पुलिस की नजर एक युवक पर गई, जिसकी हरकतें संदिग्ध लग रही थीं। पुलिस को देखकर युवक घबरा गया और अचानक अपनी हुडी की जेब से एक पाउच निकालकर सीट पर फेंक दिया। युवक की इस हरकत से पुलिस का शक और गहरा गया। जब पुलिस ने उस पाउच को कब्जे में लेकर जांच की, तो उसमें से 124 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की पहचान

करण पुत्र अशोक कुमार निवासी कृष्णा नगर, शिमला के रूप में हुई है।

 

यह भी पढ़ें : सलमान करता था हिमाचल में चिट्टा सप्लाई : मैकेनिक का काम कर बनाया था नेटवर्क- पकड़ा गया 

पुलिस कर रही मामले की जांच 

इस मामले की पुष्टि करते हुए SP विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह चरस कहां से लेकर आया था और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।  

 955 अफीम के पौधे काटे

कुल्लू जिले की सैंज घाटी के फबियारी गांव (तलाड़ा पंचायत) में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया है। पुलिस की गठित टीमों ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 955 अफीम के पौधे बरामद किए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। 

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का गजब व्यवस्था परिवर्तन, बिना डॉक्टर के एक विस की सभी 19 डिस्पेंसरी

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज 

इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह जमीन वन विभाग की है या निजी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें