हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिला में पुलिस से बचने के लिए एक युवक ने चिट्टा हेरोइन का पैकेट ही निगल लिया था। जिससे युवक की तबीयत बिगड़ गई और कई अस्पतालों में लंबे समय तक उपचार चलता रहा, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। अब सवाल यह उठता है कि जब चिकित्सकों ने युवक के पेट से चिट्टे का पैकेट निकाल दिया था तो फिर उसकी मौत कैसे हो गई। इसका राज एसपी हमीरपुर ने खोला है।
एसपी भगत सिंह ने खोला राज
एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक ने पुलिस से बचने के लिए 15 ग्राम चिट्टा का पैकेट निगल लिया था। जिसका उसके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ा। एसपी ने बताया कि उपचार के दौरान चिकित्सकों ने युवक के पेट से चिट्टे के पैकेट को निकाल दिया था, लेकिन पैकेट निकालने से पहले ही फट गया, जिससे उसने युवक के गुर्दे सहित शरीर के दूसरे अंगों को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया।
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60 दिन बाद तोड़ा दम
उपचार के दौरान चिकित्सकों ने युवक की जान बचाने के लिए उसका कई बार डायलिसिस भी किया, लेकिन फिर युवक को बचाया नहीं जा सका। करीब 60 दिन उपचाराधीन रहने के बाद युवक की मौत हो गई। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि सिंथेटिक ड्रग निगलने के कारण युवक की किडनी समेत शरीर के कई अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। उसे बचाने की तमाम कोशिशें की गई। उसका डायलिसिस भी किया गया। इसके बावजूद उसकी जान नहीं बच पाई। मृतक युवक की पहचान राहुल कुमार के रूप में हुई है। जो कि कांगड़ा जिले के संतला गांव का रहने वाला था।
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पुलिस के डर से निगला था चिट्टा
आपको बता दें कि बीते 25 जनवरी को आरोपी युवक को हमीरपुर के बड़सर में पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा था। पुलिस टीम ने युवक से इलेक्ट्रॉनिक तराजू और दस हजार रुपए की नकद राशि बरामद की थी। इसी दौरान युवक ने सबूत मिटाने के चक्कर में अपने थैले से एक पारदर्शी पुड़िया निकाल कर एकदम से निगल ली। युवक ने लिफाफे के साथ 15 ग्राम चिट्टा निगल लिया था।
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सबूत मिटाने की कोशिश
ऐसा करने के तुरंत बाद ही उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई। पुलिस टीम ने उसे तुरंत उपचार के लिए एम्स बिलासपुर पहुंचाया। जहां पर उसका उपचार चल रहा था। युवक की हालत पिछले 68 दिनों से गंभीर बनी हुई थी। चिट्टे की पुड़िया उसके पेट में फट गई थी। जिससे उसकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी थी और शरीर के बाकी अंगों पर भी बुरा असर पड़ा था। डॉक्टरों ने उसके पेट से चिट्टे की पुड़िया निकाल ली थी। मगर युवक की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। वहीं, अब उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई है।
