#अपराध
April 8, 2026
हिमाचल : दोस्त की ह*त्या कर जगह बदलता रहा युवक, 15 दिन बाद यूपी से पुलिस ने पकड़ा
वारदात के बाद से था आरोपी फरार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला शिमला के सुन्नी हत्याकांड में शिमला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तीसरे और आखिरी आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस सनसनीखेज मामले में शामिल सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लगातार फरार होकर अपने ठिकाने बदल रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 31 वर्षीय महेश कुमार चौहान के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के जंगल बिंदवालिया गांव का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, महेश लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। यहां तक कि उसके साथियों को भी उसके ठिकाने की पक्की जानकारी नहीं थी।
शिमला पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल ट्रैकिंग और मुखबिरों की मदद से आरोपी का सुराग लगाया। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे कुशीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। अब आरोपी को कुशीनगर की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया जाएगा, जिसके बाद उसे शिमला लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इससे पहले, पुलिस इस मामले में दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी अरुण कुमार राम को 25 मार्च 2026 को बिहार के मुजफ्फरपुर से दबोचा गया था, जबकि दूसरे आरोपी बिकेश कुमार को 28 मार्च को नेपाल बॉर्डर के पास से पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में शिमला की कैथू जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि वारदात के पीछे कोई और कारण या व्यक्ति तो शामिल नहीं है।
दरअसल, इस मामले की शुरुआत 15 मार्च को हुई थी, जब बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी चतुरी राम ने अपने बेटे राम प्रवेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट सुन्नी थाने में दर्ज करवाई थी। राम प्रवेश बसंतपुर इलाके में किराए के कमरे में रहकर मकान निर्माण का काम करता था।
होली के दिन से ही वह अचानक लापता हो गया था और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस की मदद ली।
जानकारी के मुताबिक अरुण ने बसंतपुर में एक मकान का ठेका लिया हुआ था और दोनों एक ही जगह किराए पर रहते थे। होली की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से राम प्रवेश गायब हो गया। पुलिस को शक हुआ कि अरुण और उसके साथियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी है और सबूत छिपाने की कोशिश की है।
जांच के दौरान पुलिस ने बसंतपुर इलाके में तलाश शुरू की और कुछ ही समय बाद एक जगह से शव को जमीन से खोदकर निकाला गया। शव की पहचान होने के बाद साफ हो गया कि यह हत्या का मामला है। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को दफना दिया था। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के जरिए एक-एक कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल न हो।