कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नश के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कांगड़ा जिला पुलिस ने 20-21 साल के दो युवकों को नशे की खेप के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
चरस समते दो अरेस्ट
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को यह सफलता गश्त और चैकिंग के दौरान मिली है। पुलिस टीम ने युवकों से चरस की खेप बरामद की है। मामले में पुलिस टीम ने युवकों की बाइक को भी सीज कर दिया है।
यह भी पढ़ें : मंत्री विक्रमादित्य सिंह की दुल्हन का होली लॉज में हुआ स्वागत, कल होगा शादी का रिसेप्शन
बाइक पर घूम रहे थे दोनों
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीती 21 सितंबर को मैक्लोजडगंज थाने की पुलिस टीम गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस टीम ने मैक्लोडगंज बस स्टैंड के पास बाइक पर घूम रहे दो युवकों को तलाशी के लिए रोका।
84 ग्राम चरस बरामद
पुलिस टीम को देखकर युवकों के चेहरे का रंग उड़ गय। पुलिस टीम ने शक के आधार पर युवकों की तलाशी ली तो पुलिस टीम ने उनके कब्जे से 84 ग्राम चरस बरामद की। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिर शुरू होगा बारिश का सिलसिला, कल इन चार जिलों में बरसेंगे मेघ
आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी धर्मशाला भागसुनाला के रहने वाले हैं। दोनों युवकों की उम्र 20 और 21 साल है। आरोपियों की पहचान-
- अंकु (21) पुत्र दीपक बहादुर
- ऋतेश कुमार (20) पुत्र कृष्ण बहादुर
यह भी पढ़ें : हिमाचल में सवारियों से भरी HRTC बस की हुई ब्रेक फेल, स्कूली बच्चों समेत 40 पहुंचे अस्पताल
कहां से लाए थे नशा?
पुलिस का कहना है कि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे के कारोबारियों पर पुलिस पैनी नजर बनाए हुए है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। युवकों से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि वो दोनों ये खेप कहां से लाए थे और कहां बेचने वाले थे।
नशे की चपेट में आ रहे युवा
गौरतलब है कि प्रदेश में नशे की बड़ी खेप अक्सर बाहरी राज्यों से लाई जा रही है। धीरे-धीरे प्रदेश के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे समाज में चिंता बढ़ रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयास ही काफी नहीं हैं। समाज, परिवार और अभिभावकों को भी जागरूकता की दिशा में कदम उठाने होंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस बुरी लत से बचाया जा सके।
