कुल्लू। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम यानी HRTC में कार्यरत चालक और परिचालक एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर नाराज कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन को अंतिम चेतावनी देते हुए ऐलान किया है कि यदि 24 जून तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 25 जून से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

कई वर्षों से लंबित पड़े हैं  वित्तीय लाभ

मिली जानकारी के अनुसार, कुल्लू के सरवरी बस अड्डा परिसर में आयोजित एक सभा के दौरान चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। संघ का कहना है कि कई वर्षों से कर्मचारियों के भत्ते, मेडिकल भुगतान और अन्य वित्तीय लाभ लंबित पड़े हैं, लेकिन बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 

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संघ के प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का करीब 75 महीनों का देय भत्ता अब तक जारी नहीं किया गया है। उनके अनुसार यह राशि लगभग 150 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार को इस विषय पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

अन्य सुविधाओं को लेकर भी जताया असंतोष

वेतन और भत्तों के अलावा कर्मचारियों ने अन्य सुविधाओं को लेकर भी असंतोष जताया है। उनका कहना है कि कई चालक और परिचालक वर्षों से निर्धारित वर्दियों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, चिकित्सा खर्चों के भुगतान से जुड़े करोड़ों रुपये के बिल भी लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

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संघ ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2017 से रात्रि ड्यूटी से जुड़े भुगतान नहीं किए गए हैं। इसके अलावा एरियर की किश्तों को लेकर पूर्व में किए गए आश्वासन भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार बातचीत और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों पर कोई संतोषजनक प्रगति नहीं हुई।

पिछले महीने भी निगम प्रबंधन को दी गई थी चेतावनी

यूनियन का कहना है कि पिछले महीने भी निगम प्रबंधन को चेतावनी दी गई थी। उस दौरान केवल समय पर वेतन जारी करने के मुद्दे पर आंशिक समाधान हुआ, लेकिन बाकी महत्वपूर्ण मांगें जस की तस बनी रहीं। इसी कारण कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

 

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यदि 25 जून से हड़ताल शुरू होती है तो प्रदेशभर में हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में HRTC बसें लोगों के लिए प्रमुख परिवहन साधन हैं। ऐसे में सरकार और निगम प्रबंधन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।

सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें

फिलहाल कर्मचारी संगठन ने 24 जून तक का समय दिया है। अब सभी की नजरें सरकार और निगम प्रबंधन की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, क्योंकि बातचीत सफल नहीं होने की स्थिति में राज्य की परिवहन सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

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