शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला से ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोचने को मजबूर कर दिया है कि विकास योजनाओं के नाम पर कितना बड़ा खेल चल रहा है। यहां चौपाल के नेरवा जल शक्ति डिवीजन को लेकर सामने आई शिकायत ने सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक पूर्व एग्जिक्यूटिव इंजीनियर पर महिला ठेकेदार और उसके बेटे को कथित तौर पर करीब 100 टेंडर देने, फर्जी बिलिंग करने और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला अब सचिव स्तर से लेकर विजिलेंस तक पहुंच गया है।

RTI से जुटाए दस्तावेज- 4 साल की पड़ताल

नेरवा निवासी संदीप दिवान ने जल शक्ति विभाग के सचिव और विजिलेंस को शिकायत पत्र सौंपकर वर्ष 2021 से 2023 के बीच टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। 

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उनका दावा है कि RTI के माध्यम से चार वर्षों में दस्तावेज जुटाए गए, जिनमें कथित तौर पर अवार्ड लेटर की प्रतियां शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो वे किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने डिप्टी सीएम और सीएम से उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है।

गुपचुप टेंडर देने के आरोप- करोड़ों का घपला

शिकायत में दावा किया गया है कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से प्राप्त लगभग 130 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से जारी 30 करोड़ रुपये की राशि के कार्यों में अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि महिला ठेकेदार को दिए गए कई टेंडर न तो अखबारों में विज्ञापित किए गए और न ही विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किए गए। यहां तक कि मंडल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी सूचनाएं प्रदर्शित नहीं की गईं। आरोप यह भी है कि कई कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर वित्तीय नियमों से बचने की कोशिश की गई।

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फर्जी बिलिंग और अधूरे कार्यों का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार आवंटित कार्यों के फर्जी बिल बनवाए गए और जमीनी स्तर पर कई परियोजनाएं अधूरी रहीं। आरोप है कि कार्य आवंटन के बाद 10 से 20 दिनों के भीतर बिल तैयार कर भुगतान भी कर दिया जाता था।

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पाइप खरीद, सप्लाई और लोडिंग-अनलोडिंग में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। पूरे मामले की तकनीकी ऑडिट और स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है। जिस अधिकारी पर आरोप लगे हैं, उन्होंने कहा है कि पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें की गई थीं और जांच में कुछ साबित नहीं हुआ। उनका कहना है कि वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं और झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

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