कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। जहां क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन एक प्रसूता महिला की अचानक मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एक दिन की बच्ची ने खोई मां
जिस घर में एक दिन पहले नवजात बच्ची के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों और रिश्तेदारों ने अस्पताल प्रशासन और स्टाफ के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन किया- जिससे कुछ समय के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
यह भी पढ़ें- हिमाचल के सरकारी स्कूलों में आज नहीं पका खाना, भूख से बच्चे परेशान; जानें क्या है वजह
ऑपरेशन के जरिए दिया था बच्ची को जन्म
जानकारी के अनुसार, बालीचौकी क्षेत्र के शनारू गांव की रहने वाली 23 वर्षीय रजनी शर्मा को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती कराया गया था। 20 जून को चिकित्सकों ने ऑपरेशन के माध्यम से उनका सुरक्षित प्रसव करवाया और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया।
अचानक बिगड़ी महिला की तबीयत
परिवार में नई सदस्य के आगमन से खुशी का माहौल था। प्रसव के बाद महिला अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में थी और उसका उपचार जारी था। बताया जा रहा है कि रविवार को उपचार के दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : नई बाइक बनी काल, घर से कुछ ही दूरी पर ट्रक से टकराई, 22 वर्षीय युवक की मौ.त
नहीं बच सकी जान
अस्पताल के लेबर रूम में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे बचाने के लिए प्रयास किए, लेकिन उसकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। काफी कोशिशों के बावजूद महिला की जान नहीं बचाई जा सकी। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बन गया।
अस्पताल परिसर में हुआ विरोध प्रदर्शन
महिला की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
यह भी पढ़ें- हिमाचल सचिवालय की महिला कर्मचारी की ह*त्या- बेटे ने डंडे से पी.टा, पुलिस ने किया अरेस्ट
मरीजों-परिजनों के बीच चिंता
कुछ समय तक अस्पताल परिसर में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का दौर चलता रहा। घटना के कारण अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी चिंता का माहौल देखने को मिला।
पुलिस को संभालनी पड़ी स्थिति
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और पूरे मामले को समझने की कोशिश की। अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। इसके बाद अस्पताल में नियमित कार्य फिर से शुरू हो सके।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : शराब के नशे में कलयुगी बेटे ने मा.र डाली मां- डंडे से पी*टा, आरोपी गिरफ्तार
मासूम से छिन गया मां का स्नेह
इस दुखद घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि जन्म के महज एक दिन बाद ही नवजात बच्ची अपनी मां के स्नेह से वंचित हो गई। जिस मां ने उसे दुनिया में लाने के लिए कठिन प्रसव प्रक्रिया का सामना किया, वह अपनी बेटी को गोद में लेने और उसके साथ जीवन बिताने का सपना पूरा नहीं कर सकी।
परिवार ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
परिवार के लिए यह क्षति बेहद पीड़ादायक है। नवजात बच्ची, पति और अन्य परिजनों के सामने अब जीवन की नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। महिला की मौत के बाद पुलिस और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया।
यह भी पढ़ें- सावधान हिमाचल! अगले पांच दिन सताएगी भारी बारिश, आंधी-तूफान का भी अलर्ट
मौत के कारणों का पता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत के सटीक कारणों को लेकर आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट जानकारी सामने आना कठिन हो सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठने लगे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी और देखभाल को लेकर स्वास्थ्य संस्थानों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : बैंक से पेंशन लेकर लौट रहे थे सेना अधिकारी, सांड ने उठाकर पटका- हुई मौ*त
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
रजनी शर्मा की असामयिक मृत्यु से न केवल उनका परिवार बल्कि गांव और आसपास का क्षेत्र भी स्तब्ध है। लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की है।
