शिमला। इन्होंने हिमाचल प्रदेश की तरक्की के लिए अपनी पूरी उम्र खपा दी, अपने घर-परिवार और खुशियों तक को दांव पर लगा दिया। आज यही पेंशनर्स सड़कों पर हैं। केवल पेंशन को लेकर ही नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का दावा कर रही राज्य की सुक्खू सरकार की लगातार अनदेखी के खिलाफ। बुधवार को पेंशनर्स ने शिमला के चौड़ा मैदान स्थित आंबेडकर चौक पर हल्ला बोला।

यह है पेंशनर्स के गुस्से की वजह

पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार में न तो पेंशनर्स को पेंशन समय पर मिल रही है और न ही मेडिकल बिलों का भुगतान हो रहा है।

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प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब सभी पेंशनर्स को एक साथ पेंशन न मिली हो। 3 से 4 जिलों में पेंशनर्स को अभी भी पेंशन नहीं मिली है।

15 दिन में सरकार बातचीत करे, वरना...

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने सरकार को चेताया है कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर वार्ता के लिए नहीं बुलाती है तो प्रदेश में सभी पेंशनर्स एसोसिएशन का एक ज्वाइंट फ्रंट गठित कर मोर्चा खोला जाएगा।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार 2 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी है लेकिन जेसीसी तक का गठन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने भी कर्मचारियों के साथ जेसीसी की थी।

व्यवस्था परिवर्तन की सरकार में क्या हो गया हाल

महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर सत्ता में आई थी लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते वह वर्ग सड़कों पर उतरने को मजबूर हुआ, जिसने अपनी सारी उम्र प्रदेश की तरक्की में लगा दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का वरिष्ठ नागरिक अब जाग गया है और अपने हकों की लड़ाई करना बेहतर ढंग से जानता है।

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