कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के तेज.तर्रार लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अकसर सोशल मीडिया पर नई सड़कों की तस्वीरें साझा करते है और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के दावे करते हैं। लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। इसका ताजा उदाहरण कुल्लू जिले से सामने आया है, जहां लोक निर्माण विभाग के माध्यम से करवाए जा रहे एक निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कंक्रीट की जगह पत्थरों से बन रहा था डंगा

कुल्लू के आनी उपमंडल में गुगरा.जाओं के बीच बन रही सड़क पर डंगे के निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां कंक्रीट डाले जाने की बजाय पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब विभागीय निगरानी लगभग न के बराबर थी। ऐसे में ठेकेदार ने नियमों को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से काम किया। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विभाग की ओर से समय पर निरीक्षण किया गया या फिर पूरा सिस्टम आंख मूंदकर बैठा रहा।

 

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वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

जैसे ही सोशल मीडिया पर घटिया निर्माण का वीडियो वायरल होकर लोक निर्माण विभाग की चौखट तक पहुंचा तो महकमे में हड़कंप मच गया। सोए हुए अधिकारियों ने आनन.फानन में अपनी साख बचाने के लिए कार्रवाई शुरू की। अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ठेकेदार संदीप ठाकुर और कनिष्ठ अभियंता  लाल चंद को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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ठेकेदार और जेई ने दी सफाई

ठेकेदार संदीप ठाकुर ने अपनी सफाई में कहा कि पहले काम बाहरी मजदूरों से कराया जा रहा था, लेकिन उनके जाने के बाद अन्य मजदूरों ने गलती से यह काम कर दिया। वहीं संबंधित कनिष्ठ अभियंता लाल चंद ने कहा कि वह अवकाश पर थे और उनकी अनुपस्थिति में काम न करने के निर्देश दिए गए थे।

घटिया निर्माण तोड़ने के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे दलाश सबडिवीजन का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीओ मनीष कुमार ने तुरंत निर्माण कार्य रुकवाया और खराब तरीके से बनाए गए डंगे को तोड़ने के आदेश दिए। फिलहाल पत्थरों को हटाकर दोबारा सही तरीके से निर्माण किया जा रहा है।

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बड़े दावों पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकार और विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर बेहतर सड़कों के निर्माण की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाहियां सामने आ रही हैंए जो सिस्टम की पोल खोल रही हैं।

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