#अव्यवस्था

April 29, 2026

सुक्खू सरकार ने नहीं चुकाया हिमकेयर का बकाया : हाईकोर्ट सख्त, दो हफ्ते में भरना होगा पूरा बिल

जांच के कारण प्रभावित नहीं होगी भुगतान प्रक्रिया

शेयर करें:

Himcare Scheme

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमकेयर योजना के लंबित भुगतानों को लेकर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर सख्ती दिखाई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि निजी अस्पतालों के बकाया बिलों का सत्यापन दो सप्ताह में पूरा कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। लंबे समय से भुगतान न मिलने से परेशान अस्पतालों को इस आदेश से राहत की उम्मीद जगी है, वहीं सरकार पर तय समयसीमा में कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

जांच के कारण प्रभावित नहीं होगी भुगतान प्रक्रिया

दरअसल, न्यायमूर्ति ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की पीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि निजी अस्पतालों के बकाया बिलों का सत्यापन दो सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए, ताकि पात्र बिलों का भुगतान जल्द सुनिश्चित हो सके।

यह भी पढ़ें: हिमाचल के सरकारी डॉक्टर ने विदेश बैठे कपल का बदला जीवन : बच्चा न होने से थे परेशान, अब गूंजी किलकारी

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिलों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा गठित एसआईटी की जांच से अलग रहेगी। यानी भुगतान प्रक्रिया जांच के कारण प्रभावित नहीं होगी। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी- स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा, स्वास्थ्य सेवा निदेशक जितेंद्र सांजटा और विशेष सचिव व सीईओ अश्विनी कुमार शर्मा व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए।

समझौता ज्ञापन रिकॉर्ड पर पेश करने को कहा

अधिकारियों और अदालत के बीच हुई चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि लंबित बिलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज की जाएगी। अदालत को यह भी बताया गया कि फिलहाल करीब 17 करोड़ रुपये की राशि भुगतान के लिए उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल की पंचायतों पर होगा महिलाओं का राज- बदलेगी गांव की तस्वीर, 1900 बनेंगी प्रधान

इसके अलावा अदालत ने केंद्र सरकार को अपने पूर्व आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार को आयुष्मान भारत योजना से संबंधित समझौता ज्ञापन रिकॉर्ड पर पेश करने को कहा है।

डायलिसिस सेवाएं अभी भी जारी

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही सितंबर 2024 से निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना का संचालन बंद कर दिया गया हो, लेकिन डायलिसिस सेवाएं अभी भी जारी हैं। इसलिए डायलिसिस से जुड़े लंबित बिलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर तुरंत भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 18 मई 2026 को निर्धारित की गई है। इस आदेश से निजी अस्पतालों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे थे।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख