शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी बहुचर्चित इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में बड़ा बदलाव करते हुए लाभार्थियों के दायरे को सीमित कर दिया है। संशोधित अधिसूचना के तहत अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि के लिए पात्र नहीं होंगी। 

2 लाख से अधिक आय वालों को नहीं मिलेगा लाभ

अब योजना का लाभ केवल 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को ही मिलेगा। सरकार ने अप्रैल माह में ही योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने की अनिवार्य शर्त भी जोड़ दी थी।

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वादे से पलटी सुक्खू सरकार

इसके चलते दो लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इससे पहले वर्ष 2024 में सरकार ने एक परिवार से केवल एक महिला को ही 1500 रुपये की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया था।

18 से 20 साल की लड़कियां भी बाहर

विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार ने सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी दी थी। शुरुआत में योजना के लिए आयु सीमा 18 से 59 वर्ष निर्धारित की गई थी, लेकिन अब 18, 19 और 20 वर्ष की युवतियों को योजना के दायरे से बाहर कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि बढ़ते वित्तीय बोझ को नियंत्रित करने और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

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आवेदन के साथ देना होगा आय प्रमाण पत्र

योजना के तहत अब महिलाओं को आवेदन पत्र के साथ परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने का प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। बीपीएल परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।

कई महिलाएं भी बाहर

नए आवेदन पत्र में आय और बीपीएल स्थिति से संबंधित अलग कॉलम जोड़े जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार सरकार के दिशा-निर्देश जारी होते ही नए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पात्र महिलाओं का सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

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ये होंगी पात्रताएं

  • महिला का हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होना अनिवार्य।
  • आयु 21 से 59 वर्ष के बीच हो।
  • परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो।
  • बौद्ध मठों में स्थायी रूप से रहने वाली बौद्ध भिक्षुणियां भी पात्र होंगी।
  • परिवार का कोई सदस्य नियमित सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होना चाहिए।

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ये वर्ग रहेंगे योजना से बाहर

अनुबंध, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक कर्मचारी, सेवारत और भूतपूर्व सैनिक, सैनिक विधवाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, मल्टी टास्क वर्कर तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों, सरकारी बोर्ड, निगम, परिषद और एजेंसियों में कार्यरत अथवा पेंशनभोगी व्यक्तियों के परिवारों को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज

आवेदन के साथ हिमाचल प्रदेश का बोनाफाइड या स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, शहरी क्षेत्र के लिए राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र के लिए परिवार रजिस्टर की प्रति तथा बौद्ध भिक्षुणियों के लिए मुख्य चोमो द्वारा जारी प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। योजना का आवेदन पत्र जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा।

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