शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम HRTC में प्रस्तावित हड़ताल और चक्का जाम की घोषणा को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि सार्वजनिक परिवहन जैसी आवश्यक सेवा को बाधित करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

HRTC कर्मियों की हड़ताल

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कर्मचारी संगठन हड़ताल और चक्का जाम के फैसले पर अडिग रहते हैं- तो सरकार आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : घर आने का इंतजार करते रहे परिजन, सुबह खड्ड में पड़ी मिली बस ड्राइवर की देह

डिप्टी CM हुए सुख्त

डिप्टी CM सुख्त :मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि HRTC प्रदेश के लाखों लोगों की जीवनरेखा है और इसकी सेवाएं प्रभावित होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ कर्मचारी बसों का संचालन नहीं करना चाहते हैं तो वे निगम की बसों की चाबियां सरकार को सौंप सकते हैं। मगर जनता को परेशानी में डालने का हक किसी को नहीं है। 

सरकार ने निभाई अपनी जिम्मेदारी

अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों का ध्यान रख रही है। कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार ने इस दिशा में किसी प्रकार की चूक नहीं होने दी है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : मिस्त्री के बेटे ने यूरोप में रचाई शादी, करता है शेफ का काम- नवंबर में लौटेगा घर

हड़ताल करने का कोई मतलब नहीं

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हड़ताल का निर्णय आम लोगों के बीच गलत संदेश देता है और जनता स्वयं तय करेगी कि यह कदम कितना उचित है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा संवाद और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया है। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चाएं की गई हैं और आगे भी बातचीत के दरवाजे खुले हुए हैं।

बैठक में वित्तीय मुद्दों पर नहीं हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री के अनुसार हाल ही में हुई बैठक में कर्मचारी नेताओं ने मुख्य रूप से एक तबादले से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय मांगों और अन्य व्यापक विषयों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो सकी। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों को दोबारा बातचीत के लिए आमंत्रित किया है ताकि किसी भी विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जा सके।

यह भी पढ़ें- हिमाचल की जनता को बड़ा झटका, इस महीने भी डिपुओं पर नहीं मिलेगा रिफाइंड तेल

कर्मचारियों को मिल रही हैं कई सुविधाएं

परिवहन मंत्री ने कहा कि HRTC कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा निगम में पुरानी पेंशन योजना OPS का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है, जो कई अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों को नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करती है और उन्हें निगम की रीढ़ मानती है, लेकिन जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यात्रियों पर पड़ेगा असर

उन्होंने कहा कि HRTC बसों में प्रतिदिन करीब पांच लाख लोग सफर करते हैं। इनमें विद्यार्थी, कर्मचारी, बुजुर्ग, ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी और विभिन्न कार्यों से यात्रा करने वाले यात्री शामिल हैं। ऐसे में यदि बस सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसका सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : आर्थिक तंगी के कारण नहीं किया दूसरा बच्चा, अब इकलौते बेटे ने लगाया फं.दा

उन्होंने कहा कि जून माह का वेतन भी समय पर जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद चक्का जाम की चेतावनी देना उचित नहीं कहा जा सकता। कर्मचारियों के पास अपनी बात रखने और मांगों को सरकार तक पहुंचाने के कई लोकतांत्रिक माध्यम उपलब्ध हैं।

राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप

मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन हड़ताल के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी का मूल उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं बल्कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना है। इसलिए किसी भी निर्णय में जनता के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

3 साल में 813 नई बसें

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में निगम के बेड़े को मजबूत करने के लिए 813 नई बसें शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त 2198 कर्मचारियों को नियमित किया गया है, जबकि 145 पीस मील वर्करों को भी नियमित सेवाओं में लाया गया है। कंडक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से लोक सेवा आयोग के माध्यम से पूरी की गई है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : ऑपरेशन के दौरान पत्नी ने तोड़ा दम- अब डेथ सर्टिफिकेट के लिए दर-दर भटक रहा पति

यूनियन से पुनर्विचार की अपील

उन्होंने ने कहा कि पूर्व में भी अदालत हड़ताल को लेकर अपना स्पष्ट रुख व्यक्त कर चुकी है। उन्होंने कर्मचारी यूनियन से अपील की कि वह प्रस्तावित हड़ताल और चक्का जाम के निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा बातचीत के जरिए समाधान निकालने में सहयोग दे। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ संवाद के पक्ष में है, लेकिन जनता को परेशान करने वाले किसी भी कदम को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी

HRTC कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लाखों यात्रियों को राहत मिल सकती है, अन्यथा प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।